BIG.NEWS-बालोद कलेक्टर का नया फरमान, बिन बाजे होगी इस बार मां दुर्गा की भक्ति, मंदिर में प्रवेश पर भी पाबंदी, देखिए नवरात्रि से पहले और क्या-क्या लगे हैं बंदिशे



बालोद। जिला कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने जिले में बढ़ते कोरोना केस को देखते हुए संक्रमण की रोकथाम के लिए नवरात्रि से कुछ दिन पहले ही मंदिरों में जोत प्रज्वलन व वहां की व्यवस्था को लेकर एक नया आदेश जारी किया है। जिसमें कहा गया है कि इस बार किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्र, ध्वनि विस्तारक यंत्र, डीजे बजाने तक की अनुमति नहीं होगी। यानी तय है कि इस बार मंदिरों में बिन बाजे की भक्ति होगी। सिर्फ आरती होगी लेकिन वहां बाजा नहीं होगा। कोई वाद्ययंत्र तक नहीं बजाया जा सकेगा। इतना ही नहीं मंदिर प्रबंधन को छूट दी गई है कि वे जोत जला सकते हैं लेकिन उस जोत के दर्शन के लिए भक्तों को वहां प्रवेश की पाबंदी रहेगी। भक्तों को प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वह घर पर रहकर भक्ति करें। उनके नाम की ज्योत मंदिरों में जलती रहेगी। नवरात्र 2020 के दौरान बालोद जिले के अंतर्गत किसी भी धार्मिक स्थलों पर मेला आदि के आयोजन पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा। इससे स्पष्ट हो चुका है कि इस बार कहीं पर भी यानी जैसे गंगा मैया, सियादेही, बंजारी धाम व अन्य स्थल जहां पर अक्सर नवरात्रि के दौरान मेला आयोजित होता था वहां कोई आयोजन नहीं होगा, ना कोई सांस्कृतिक कार्यक्रम तक नहीं होगा। जारी आदेश में कहा गया है कि मंदिर क्षेत्र में दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश से अब मंदिर प्रबंधक निराश भी नजर आ रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि कई बड़े मंदिर है जहां पर हजारों जोत जलाए जाते हैं वहां पर भक्त यह अपेक्षा करते हैं कि नवरात्रि के किसी एक दिन जाकर जोत दर्शन करके आएंगे लेकिन इस आदेश के बाद से यह तय हो चुका है कि मंदिरों में प्रवेश नहीं मिलेगा।

गंगा मैया मन्दिर झलमला

इस आदेश पर गंगा मैया प्रबंधन समिति के प्रबंधक सोहन लाल टावरी का कहना है कि हम प्रशासन से जोत जलाने वाले भक्तों व अन्य भक्तों के लिए कुछ घंटों तक दर्शन की अनुमति मांग रहे हैं। इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए उन्हें दर्शन करवाया जाएगा। आदेश जारी हो तो हम यह व्यवस्था बनाने तैयार हैं। इसी तरह जारी आदेश में यह भी कहा गया है कि मंदिर प्रांगण के भीतर नियत स्थान पर जोत का प्रज्ज्वलन मंदिर प्रबंधन द्वारा किया जा सकता है। जोत जलाने की जिम्मेदारी केवल मंदिर समिति प्रबंधन की होगी। श्रद्धालु जोत जलवा सकेंगे लेकिन अपने जोत दर्शन हेतु दर्शनार्थियों एवं अन्य व्यक्तियों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। धार्मिक स्थलों के आसपास किसी भी प्रकार की दुकान ठेला आदि व्यवसाय संचालन की भी अनुमति नहीं होगी। मंदिरों में पुजारी एवं मंदिर संचालक समिति ही पूजा-पाठ कर सकेंगे। नवरात्र पर्व के दौरान वितरण, भोज, भंडारा, जगराता, सांस्कृतिक कार्यक्रम की अनुमति भी नहीं होगी। लोगों को यथासंभव घर में रहकर नवरात्र पर्व के दौरान पूजा पाठ के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

वरना फिर होगी कार्रवाई
कलेक्टर व जिला दंडाधिकारी द्वारा जारी इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। कोरोना के रोकथाम एवं नियंत्रण हेतु भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा जारी समस्त दिशा निर्देशों का पालन अनिवार्य रूप से करना होगा और निर्देशों का उल्लंघन करते पाया जाते हैं तो जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन समिति की होगी और उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता 1860 की धारा 188 तथा एपिडेमिक डिसिज एक्ट एवं अन्य सुसंगत विधि के अनुसार कार्रवाई भी की जाएगी।

You cannot copy content of this page