बालोद।जनसेवा, समाजसेवा और देश सेवा के लिए समर्पित ऊर्जावान युवाओं के संगठन हिन्द सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य साहू के निर्देशानुसार भारत माता के अमर सपूत क्रांतिवीर भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस पर वतनपरस्ती लबरेज कार्यक्रमों का आयोजन किया। इसी कड़ी में देशभक्ति के भावों से भरी विचारगोष्ठी भी आयोजित की गई है। हिन्द सेना के प्रदेश मुख्य संयोजक तरुण नाथ योगी आयोजित संगोष्ठी में अनेक मुर्घन्य, साहित्यकारों, शिक्षाविदों, भाषाविदों, वकीलों, इंजीनियरों, प्रबुद्ध महिलाओ व युवाओं ने भाग लिया।
हिन्द सेना के ने संगोष्ठी में आधार वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश हुकूमत की गुलामी से हमारे देश भारतवर्ष को आजाद कराने वाले क्रांतिवीरों में अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद, भगत सिंह, नेताजी सुभाष चन्द्र बोस, मंगल पांडेय, खुदीराम बोस, राजगुरु, सुखदेव सरीखे सैकड़ों महान विभूतियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को तो अंग्रेजो ने 23 मार्च के दिन ही एकसाथ फांसी के फंदे पर लटका दिया था। इन सपूतों ने भारत माता की अस्मिता की रक्षा के लिए हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूम लिया था। इन वीर सपूतों के पसंदीदा स्वरचित देशभक्ति गीत “मेरा रंग दे बसंती चोला, माहे रंग दे बसंती चोला” का जिक्र करते हुए ।
तरुण नाथ योगी ने कहा कि बासंती रंग क्रांति का संकेत है। आज हर युवा अपने रोम-रोम को इस रंग में रंगले और देश सेवा के लिए आगे बढ़े। देश की एकता-अखंडता और सुरक्षा की सबसे बड़ी जिममेदारी हम युवाओं के ही कंधों पर है। हमें चाहिए की हम अपने परिवार की देखभाल के साथ देश के प्रति अपनी जवाबदेही का भी निर्वहन पूरी ईमानदारी के साथ करें।
तरुण नाथ योगी ने मशहूर शेर “हमारी उड़ान देखने के लिए आसमा से कह दो अपना कद ऊंचा कर लें” का विशेष तौर पर उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि युवाओं में ऐसी ताकत, ऐसी ऊर्जा होती हैं कि वह आसमा का भी सीना चीरकर रख दें। इसलिए युवा अपनी ताकत और ऊर्जा का इस्तेमाल देश के उत्थान और नवनिर्माण के लिए करें।
प्रखर वक्ता.अनीश राजपूत. ने कहा कि आज की पीढ़ी को आजादी के क्रांतिवीरों की जीवनगाथा से जोड़े रखने व प्रेरित करने के लिए उन्हें सही दिशा देने की जरूरत है। हमारे शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में क्रांतिवीरों के योगदानों का पुन: समावेश जरूरी हो गया है। आज देशभक्ति पूर्ण हिंदी पिक्चर फिल्मों भी बहुत कम बन रही है। पिक्चर फिल्में हमारे समाज को दिशा देने का बड़ा काम करती हैं। ऐसे में देशभक्ति की भावना से भरी फिल्मों का बनना भी जरूरी है।
युवा ब्रिगेड जिला अध्यक्ष प्रमोद सारडा, अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष.इम्तियाज अहमद,संगठन मंत्री विशिष्ट साहू,प्रदेश मंत्री असरार अहमद,ने कहा कि क्रांतिकारियों का योगदान कभी भुलाया नहीं जा सकता। उनके कर्ज से हम कभी भी उत्रुन नहीं हो सकते, लेकिन आज जिस तरह से वीर सपूतों को विस्मृत करने की कोशिशे हो रही है, वह नि:संदेह चिंतनीय है। आज क्रांतिवीरों को हाशिये पर रखकर आज के राजनेताओं के नाम पर पुलो, बांधो,शैक्षणिक संस्थाओं, सड़कों का नामकरण किया जाता है। ऐसे में आज की पीढ़ी भला कैसे क्रांतिवीरों को याद रख सकती है। हमे ऐसी परंपरा के खिलाफ आवाज मुखर करनी होगी।
अधिवक्ता.अनिल योगी ने कहा कि सामाजिक और समुदायिक एकता का आधार देश प्रेम ही है। जब तक लोगों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रवाद और देशभक्ति की भावना प्रबल नहीं होती, तब-तक सामाजिक, सांप्रदायिक और समुदायिक तानाबाना भी मजबूत नहीं हो सकता। संगोष्ठी में.समस्त हिन्द सैनिक . समेत अन्य अन्य वक्ताओं ने भी सागर्मित विचार रखे।
दिखा देशभक्ति का जज्बा
हिन्द सेना के इस परंपरागत आयोजन के दौरान देशभक्ति का जोशभरा जज्बा देखने को मिला। सुबह छत्तीसगढ़ के भिलाई, दुर्ग, रायपुर, कवर्धा, राजनांदगांव, बालोद, बेमेतरा, बलौदा बाजार, रायगढ़, जशपुर, अंबिकापुर, कोरबा, सरगुजा आदि जिलों में देशभक्ति भरे नारों के साथ युवाओं ने रैलियां निकाली। झारखंड, तेलंगाना, आंध्रप्रदेश, उत्तरप्रदेश, बिहार, दिल्ली आदि प्रदेशों में भी हिन्द सैनिकों ने तिरंगा यात्राएं व देशभक्ति रैलियां निकाली। अनेक स्थानों पर इन रैलियों में शामिल युवाओं पर पुष्पवर्शा की गई। इस दौरान लोगों में देशभक्ति की भावना हिलोरे मारती नजर आई।
जनसेवा के आयाम भी
शहीदी दिवस के मौके पर संगठन के संस्थापक राष्ट्रीय अध्यक्ष मंगेश वैद्य साहू के मार्गदर्शन में अन्नदान एवं चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया गया। इन शिविरों में जरूरतमंद गरीबों, मजदूरों व रिक्सा-ठेला चालकों को सूखा अनाज तथा तैयार भोजन दिया गया। चिकित्सा शिविरों में सभी तरह के रोगों के विशेषज्ञ चिकित्सकों ने हजारों पीड़ितो का उपचार व चिकित्सकीय मार्गदर्शन किया। मरीजों को निशुल्क दवाएं भी दी गई। उललेखनीय है कि हिन्द सेना हर वर्ष शहीद दिवस के मौके पर तो इस तरह के आयोजन करती ही है। महापुरुषों की जयंती, पुण्यतिथि तथा राष्ट्रीय पर्वों पर भी जनसेवा एवं देशसेवा के आयोजनों को अंजाम देती है। आयोजन के अंत में आज ही नारायणपुर में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों को भी श्रद्धांजलि दी गई।
