लाइव- इन दो गांवों में मुक्ति की डगर भी है मुश्किल, एक जगह मुक्तिधाम ही नहीं तो दूसरी जगह पहुंचने रास्ता नहीं, कहीं पंडाल तान जलाते हैं लाश, तो कहीं कांधे के बजाय कचरा गाड़ी में ले जाते हैं,,,,
आजादी के 75 साल बाद भी विकास में पिछड़ा लासाटोला और भरदा फ़ोटो व कंटेंट- सुप्रीत शर्मा/ कमलेश वाधवानी,बालोद। बालोद जिले के ग्राम लासाटोला व भरदा में आज भी मुक्तिधाम…
