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बालोद में सरपंचों की समस्याओं को लेकर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव को सौंपा गया ज्ञापन

पंचायती राज संस्थाओं की उपेक्षा का लगाया आरोप, सरपंच संघ ने उठाई कई अहम मांगें

बालोद। छत्तीसगढ़ के पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव के बालोद प्रवास के दौरान जिला सरपंच संघ ने ग्राम पंचायतों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपकर शासन का ध्यान आकर्षित कराया। यह ज्ञापन जिला सरपंच संघ अध्यक्ष क्रांति भूषण साहू द्वारा जिला सरपंच संघ की संरक्षक श्रीमती लता कोर्राम के निवास पर सौंपा गया।

सरपंच संघ ने आरोप लगाया कि वर्तमान समय में पंचायती राज संस्थाओं की लगातार उपेक्षा हो रही है। निर्माण कार्यों से लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं तक ग्राम पंचायतों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जिससे ग्रामीण विकास प्रभावित हो रहा है।


मनरेगा भुगतान में देरी से बढ़ रही परेशानी

ज्ञापन में बताया गया कि महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत मजदूरी एवं सामग्री भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। इसके कारण पंचायतों को आर्थिक और प्रशासनिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

सरपंच संघ ने कहा कि मनरेगा योजना को मई और जून माह तक बढ़ाया गया है, लेकिन पंचायतों की मांग के अनुरूप कार्यों की स्वीकृति नहीं दी जा रही है। यदि स्वीकृति मिल भी रही है तो वह 10 लाख रुपये की सीमा तक ही सीमित है, जिससे बड़े विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।


गौण खनिज मद की स्वीकृति नहीं मिलने से विकास प्रभावित

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि जिला गौण खनिज मद से आवश्यक विकास कार्यों की स्वीकृति पूरे जिले में समान रूप से नहीं मिल रही है। सरपंच संघ का आरोप है कि केवल डौंडी ब्लॉक एवं डौंडी लोहारा क्षेत्र के कुछ ग्रामों को ही इसका लाभ मिल रहा है, जबकि अन्य ब्लॉकों की पंचायतें विकास कार्यों से वंचित हैं।


सचिव और रोजगार सहायकों के रिक्त पदों पर जताई चिंता

सरपंच संघ ने पंचायतों में सचिवों और रोजगार सहायकों के बड़ी संख्या में रिक्त पदों का मुद्दा भी उठाया। ज्ञापन में कहा गया कि कई कर्मचारी दोहरे और तिहरे प्रभार में कार्य कर रहे हैं, जिससे पंचायत संचालन प्रभावित हो रहा है।

संघ ने मांग की कि प्रत्येक ग्राम पंचायत में नियमित सचिव और रोजगार सहायकों की पदस्थापना की जाए, ताकि पंचायतों का संचालन सुचारू रूप से हो सके।


सरपंच मानदेय बढ़ाने की मांग

सरपंच संघ ने वर्तमान में मिलने वाले 4000 रुपये मानदेय को अपर्याप्त बताते हुए इसे बढ़ाकर कम से कम 15 हजार रुपये प्रतिमाह करने की मांग की। संघ का कहना है कि बढ़ती महंगाई और पंचायत कार्यों की जिम्मेदारियों को देखते हुए वर्तमान मानदेय बेहद कम है।


टीएस सिंहदेव ने मांगों को शासन तक पहुंचाने का दिया आश्वासन

इस अवसर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने सरपंचों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया।

कार्यक्रम में जिला सरपंच संघ की उपाध्यक्ष प्रीति ग्वालियर, सरपंच कुमुदिनी साहू बेलोदी, कुमुदिनी साहू भूस्रेंगा सहित जिले के अनेक सरपंच उपस्थित रहे। पंचायत प्रतिनिधियों ने उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए शासन स्तर पर सकारात्मक पहल होगी।

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