बालोद जिला प्रशासन का बड़ा फैसला : अब ‘वाहन पूलिंग’, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और पेपरलेस कामकाज पर जोर



सरकारी खर्च में बचत और ऊर्जा संरक्षण के लिए जारी हुए सख्त निर्देश, सभी विभागों में तत्काल लागू

बालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार वित्तीय संसाधनों के कुशल प्रबंधन और शासकीय खर्च में अनुशासन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला प्रशासन बालोद ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इस आदेश के तहत जिले के सभी शासकीय विभागों में मितव्ययिता, ऊर्जा संरक्षण और पेपरलेस कार्य प्रणाली को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार अब सरकारी कार्यालयों में अनावश्यक खर्चों पर नियंत्रण के साथ डिजिटल कार्यप्रणाली को प्राथमिकता दी जाएगी।


एक दिशा में जाने वाले अधिकारी करेंगे ‘वाहन पूलिंग’

पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने और सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करने के लिए अब एक ही दिशा में दौरे पर जाने वाले अधिकारियों के लिए “वाहन पूलिंग” व्यवस्था लागू की जाएगी।

इस व्यवस्था के तहत अलग-अलग वाहन उपयोग करने के बजाय अधिकारी एक ही वाहन में सफर करेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी।


अब वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से होगी साप्ताहिक बैठक

जिला प्रशासन ने समय और ईंधन दोनों की बचत के लिए नई व्यवस्था लागू की है। अब समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में विकासखंड स्तरीय अधिकारी, एसडीएम, जनपद पंचायत सीईओ और तहसीलदार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़ेंगे।

केवल जिला मुख्यालय के अधिकारी ही बैठक में भौतिक रूप से उपस्थित रहेंगे।


कार्यालयीन समय के बाद बंद होंगे विद्युत उपकरण

ऊर्जा संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए सभी विभागों को निर्देशित किया गया है कि कार्यालयीन समय समाप्त होने के बाद लाइट, पंखे, एसी, कंप्यूटर सहित सभी विद्युत उपकरण अनिवार्य रूप से बंद किए जाएं।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि केवल आवश्यकता होने पर ही बिजली का उपयोग किया जाए।


पेपरलेस सिस्टम को मिलेगा बढ़ावा

अब जिला और ब्लॉक स्तरीय बैठकों में प्रिंटेड फाइलों और बुकलेट्स की जगह इलेक्ट्रॉनिक फाइलों (.pdf/.ppt) का उपयोग किया जाएगा।

साथ ही सभी शासकीय पत्राचार अनिवार्य रूप से ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से किए जाएंगे, ताकि कागज की बचत के साथ कार्यों में पारदर्शिता और तेजी लाई जा सके।


तत्काल प्रभाव से लागू हुआ आदेश

जिला प्रशासन ने इस आदेश को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया है। प्रशासन का मानना है कि इससे सरकारी संसाधनों का बेहतर उपयोग होगा, अनावश्यक खर्चों में कमी आएगी और डिजिटल प्रशासन को बढ़ावा मिलेगा।

जिला प्रशासन की यह पहल ऊर्जा संरक्षण, वित्तीय अनुशासन और आधुनिक कार्यप्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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