लेख: शान्ति व सदभावना हमेशा कायम रहे स्वतंत्र भारत में : बिजेंद्र सिन्हा दुर्ग


हमारा देश स्वतंत्रता के 78 वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। यह बेहतर भारत की संकल्पना को सामने लाने का उपयुक्त अवसर है। एक ऐसा भारत जहाँ समाजिक समानता…

लघु कथा: भैय्या जताते नहीं पर हर मुसीबत में ढाल बनकर खड़े हो जाते हैं!


लघुकथा - कुछ रिश्ते खून से भी बढ़कर होते हैं यह बात मैं आशु भैया से मिलकर जाना ! मेरे परिवार में मां पापा और हम तीन बहने हैं मुझे…

अइसन तीज-तिहार रचना: प्रेम कुमार रावत बलोदा बाजार (भाटापारा )


नांगर ढीला गे बइला धोवा गेघर डाहर रेंगे किसान जी सुमरन करे माटी महतारी केधरथे देवी देवता के ध्यान जी गहुँ पिसान के चीला बनाकेबंदन चंदन ला सजा के जी…

पुरखा पुरातन “परब” : प्रकृति के जोहार -हरेली तिहार “


हरेली सावन महिना के अम्मउस तिथि म मनाए के चर्चित लोक परब आय। जेला देश के आन -आन भाग मा अलगे -अलग नाव ले जाने जाथे जइसे - मध्यप्रदेश म…

देख अइसन हरेली मनाएंव- हमर पहली तिहार


हमर छत्तीसगढ़ ह तिहार ले भरे पुरे राज्य हरय। ननपन ले ही तिहार के उछाह तो तिहार के आए के आघू ले होवत रहिथे अउ उछाह काबर नइ रही भई…

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