ये नौजवानों – एक रचना श्रीमती अहिल्या नायक ,सरायपाली की कलम से
चलो उठो ये देश के तरूणों,बैठे रहने का समय नहीं।मेहनत लगन और खुद्दारी से,सजग समाज निर्माण करो। पिता का तुमको प्रताप है बनना,माँ का तुम अभिमान हो।समाज में तुमको प्रतिष्ठा…
