बड़गांव का सिद्धपीठ दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर — आस्था, इतिहास और चमत्कार का केंद्र



बालोद (डौंडी लोहारा)। विकासखंड डौंडी लोहारा अंतर्गत ग्राम बड़गांव के आम बगीचा में आम वृक्षों की शीतल छांव तले स्थित सिद्धपीठ दक्षिणमुखी श्री हनुमान मंदिर क्षेत्र की गहरी धार्मिक आस्था का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित लगभग साढ़े छह फीट ऊंची हनुमान लला की सिद्ध प्रतिमा को चमत्कारिक माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई हर मुराद यहां पूरी होती है।


📜 मंदिर का इतिहास

हनुमान मंदिर विकास समिति के कोषाध्यक्ष नेमसिंह साहू के अनुसार, लगभग 120 वर्ष पूर्व डौंडी लोहारा के तत्कालीन नरेश लाल फतेह सिंह टेकाम को स्वप्न में हनुमान जी ने दर्शन देकर ग्राम पचपेड़ी के एक आम वृक्ष के नीचे विराजमान होने का संकेत दिया।

नरेश ने अपने मित्र बड़गांव निवासी रामनारायण दुबे के साथ उस स्थल की खोज की और स्वप्न सत्य सिद्ध हुआ। मूर्ति को बैलगाड़ी में लादकर लोहारा ले जाया जा रहा था, किंतु बड़गांव के आम बगीचा पहुंचते ही बैलगाड़ी का पहिया जमीन में धंस गया। काफी प्रयास के बाद भी जब गाड़ी नहीं निकली, तो इसे दिव्य संकेत मानकर मूर्ति को उसी स्थान पर दक्षिण दिशा की ओर स्थापित कर दिया गया।

कालांतर में श्रद्धालुओं ने अनुभव किया कि प्रतिमा की ऊंचाई बढ़ रही है। संबलपुर के हमीर सेठ ने मन्नत पूर्ण होने पर मंदिर निर्माण एवं प्राण प्रतिष्ठा कराई। बाद में मंदिर जीर्ण-शीर्ण होने पर हिमालय बर्फानी शांतापुरी नागा बाबा के मार्गदर्शन में भव्य गुंबदनुमा मंदिर का निर्माण हुआ।


🕉️ प्रतिमा की विशेषता

वर्तमान में स्थापित दक्षिणमुखी हनुमान जी की प्रतिमा में वे बाएं पैर से अहिरावण का दमन करते हुए दिखाई देते हैं, जो रामायण के युद्धकांड की कथा का स्मरण कराता है।

प्रतिमा के मस्तक पर शनिदेव विराजमान हैं। पौराणिक मान्यता है कि शनिदेव ने हनुमान जी की भक्ति से प्रसन्न होकर वचन दिया था कि जो भी हनुमान जी की पूजा करेगा, उस पर शनि का कुप्रभाव नहीं पड़ेगा। यही कारण है कि शनिदेव को तेल अर्पित करने की परंपरा भी प्रचलित है।


🛕 एक ही प्रांगण में कई मंदिर

मंदिर प्रांगण में विभिन्न समाजों द्वारा स्थापित मंदिर भी संचालित हैं— जैसे साहू समाज द्वारा कृष्ण कर्मा माता मंदिर,यादव समाज द्वारा राधा-कृष्ण मंदिर,मरार समाज द्वारा शाकंभरी माता मंदिर,बया महारा समाज द्वारा विष्णु मंदिर,हल्बा समाज द्वारा नवदुर्गा माता मंदिर, साथ ही श्री रामचंद्र जी का भव्य राम दरबार मंदिर भी स्थापित है।


🏗️ नागर शैली में बन रहा नया भव्य मंदिर

वर्तमान में हनुमान जी का तीसरे क्रम का भव्य मंदिर निर्माणाधीन है। यह मंदिर नागर शैली की वास्तुकला में निर्मित हो रहा है, जिसकी प्रमुख विशेषताएं हैं— ऊंचा घुमावदार शिखर, आमलक एवं कलश, ऊंचे चबूतरे पर गर्भगृह, मंडप और बरामदा शामिल है। हनुमान मंदिर विकास समिति ने श्रद्धालुओं से मुक्तहस्त दान देकर मंदिर निर्माण में सहभागी बनने की अपील की है।


🎉 धार्मिक आयोजन और मेले

यहां प्रतिवर्ष चैत्र एवं क्वांर नवरात्रि, महाशिवरात्रि मेला, रामनवमी, हनुमान जयंती सहित विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। नवरात्रि में सामूहिक कन्या भोज, ज्योति कलश स्थापना और भंडारे का आयोजन भी किया जाता है। मंदिर में प्रतिदिन प्रातः एवं संध्या विशेष आरती होती है, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल होकर हनुमान लला के समक्ष शीश नवाकर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।


🌺 पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग

ग्रामीणों एवं समिति सदस्यों का कहना है कि इतने चमत्कारिक और ऐतिहासिक मंदिर को पर्यटन स्थल घोषित कर समुचित विकास किया जाना चाहिए। हनुमान मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष (सरपंच) सुरेश बढ़ई, संचालक युगल साहू, कोषाध्यक्ष नेमसिंह साहू सहित सभी पदाधिकारियों एवं ग्रामवासियों ने आगामी चैत्र नवरात्रि में अधिक से अधिक श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील की है। यह सिद्धपीठ आज भी आस्था, भक्ति और विश्वास का जीवंत प्रतीक बना हुआ है।

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