बालोद। सदर बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण हटाने को लेकर चल रहे विवाद में हाई कोर्ट से बड़ा फैसला सामने आया है। कोर्ट ने जिला प्रशासन की कार्रवाई को गलत ठहराते हुए 23 व्यापारियों को राहत प्रदान की है, जिन्होंने इस मामले में पिटिशन दायर की थी।
🏛️ केवल 23 याचिकाकर्ताओं को मिली राहत
जानकारी के अनुसार, सदर बाजार के 23 व्यापारियों द्वारा हाई कोर्ट में पिटिशन दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए न्यायालय ने प्रशासन की कार्रवाई को निरस्त कर दिया।
इस फैसले के बाद इन 23 व्यापारियों के मकान और दुकानों पर कोई तोड़फोड़ नहीं होगी।
⚠️ बाकी व्यापारियों पर कार्रवाई संभव
महत्वपूर्ण बात यह है कि यह राहत केवल उन्हीं व्यापारियों को मिली है, जिन्होंने कोर्ट में याचिका दायर की थी।
जिन व्यापारियों ने पिटिशन दायर नहीं की है, उन पर प्रशासनिक कार्रवाई अभी भी संभव है।
⚖️ वकीलों के प्रयास से मिली राहत
इस मामले में हाई कोर्ट अधिवक्ता मयंक चंद्राकर के प्रयासों से याचिकाकर्ताओं को राहत मिली।
साथ ही नीतू सोनवानी और संदीप सोनवानी ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
🏬 अन्य व्यापारियों के लिए चेतावनी जैसा संकेत
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, जिन व्यापारियों ने अब तक याचिका दायर नहीं की है, यदि वे अपनी संपत्ति को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें भी न्यायालय की शरण लेनी होगी। अन्यथा प्रशासन उनके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।
📌 मामला बना चर्चा का विषय
यह मामला अब पूरे बालोद में चर्चा का विषय बन गया है। एक ओर जहां 23 व्यापारियों को राहत मिली है, वहीं अन्य व्यापारी असमंजस की स्थिति में हैं।
✅ कानूनी प्रक्रिया ही एकमात्र विकल्प
स्पष्ट है कि इस मामले में राहत पाने के लिए न्यायालय का रास्ता अपनाना ही एकमात्र विकल्प है, क्योंकि फिलहाल कोर्ट का आदेश केवल याचिकाकर्ताओं तक ही सीमित है।
