जज को मिली जान से मारने की धमकी, 3 करोड़ की फिरौती मांग… नक्सली संगठन के नाम से भेजा गया पत्र



⚠️ गुण्डरदेही न्यायालय में मचा हड़कंप, पोस्ट से आया धमकी भरा लिफाफा

बालोद/गुण्डरदेही। न्यायिक व्यवस्था को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है, जहां न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रशांत कुमार देवांगन को जान से मारने की धमकी देते हुए 3 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई है। यह धमकी भरा पत्र पोस्ट के माध्यम से न्यायालय में भेजा गया, जिससे पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई है।


📩 पोस्टमैन के जरिए पहुंचा संदिग्ध लिफाफा

घटना 27 मार्च 2026 दोपहर करीब 3:25 बजे की है, जब न्यायालयीन कार्य के दौरान एक बंद लिफाफा पोस्टमैन द्वारा प्राप्त हुआ।
लिफाफा खोलने पर अंदर एक हस्तलिखित पत्र मिला, जिसमें जज और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी।


💰 पहले 2 करोड़, फिर 3 करोड़ की मांग

पत्र में पहले 2 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई, लेकिन आगे चलकर 3 करोड़ रुपये देने की धमकी दी गई।
साथ ही जज पर रिश्वत लेकर गलत फैसले देने और गरीबों को परेशान करने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए।


🔴 नक्सली संगठन के नाम से दी गई धमकी

पत्र में खुद को नक्सली संगठन (कांकेर, बस्तर, ओडिशा, झारखंड क्षेत्र) से जुड़ा बताया गया है।
इसमें साफ लिखा गया है कि:

  • “तुम्हें और तुम्हारे परिवार को जान से मार देंगे”
  • “3 करोड़ नहीं दिए तो मौत के लिए तैयार रहो”
  • “तुम जैसे लोगों को मारना ही हमारा उद्देश्य है”

📍 लिफाफे पर भी संदिग्ध जानकारी

प्राप्त लिफाफे में “एल.के.एल. बस्तर, कांकेर छत्तीसगढ़” लिखा हुआ था, जबकि न्यायालय का पता स्पष्ट रूप से अंकित था।
पूरा पत्र नीली स्याही से हाथ से लिखा हुआ पाया गया।


🚨 एफआईआर दर्ज, सुरक्षा बढ़ाने की मांग

मामले की गंभीरता को देखते हुए जज द्वारा थाना गुण्डरदेही में शिकायत दी गई है।
उन्होंने मांग की है कि:

  • अज्ञात आरोपी के खिलाफ तत्काल FIR दर्ज की जाए
  • उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए

🔎 जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर

इस मामले के सामने आते ही पुलिस और जांच एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
अब यह जांच का विषय है कि:

  • क्या यह वास्तव में नक्सली संगठन की साजिश है?
  • या किसी ने डर फैलाने के उद्देश्य से फर्जी पत्र भेजा है?

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