DAILY BALOD NEWS

EDITOR IN CHIEF – DEEPAK YADAV.9755235270

Advertisement

जिला प्रशासन बालोद की अनूठी पहल: भीषण गर्मी में पौधों को मिल रहा ‘मिट्टी के घड़ों’ का सहारा

3800 पौधों के संरक्षण के लिए अपनाई गई पारंपरिक जल-संरक्षण तकनीक

बालोद, 07 अप्रैल 2026। भीषण गर्मी के दौरान नव-रोपित पौधों के संरक्षण के लिए जिला प्रशासन बालोद द्वारा एक अभिनव और पारंपरिक तकनीक अपनाई गई है। इस पहल के तहत पौधों को सूखने से बचाने के लिए मिट्टी के घड़ों (मटकों) का उपयोग किया जा रहा है। 🌱💧


3800 पौधों के पास लगाए गए मिट्टी के घड़े

चंद्रकांत कौशिक अपर कलेक्टर ने बताया कि:

  • संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में 2600 पौधे
  • अन्य स्थानों पर 1200 पौधे

इस प्रकार कुल 3800 पौधों के संरक्षण के लिए प्रत्येक पौधे के पास जमीन में मिट्टी का घड़ा दबाया गया है।


धीरे-धीरे जड़ों तक पहुंचता है पानी

इस पारंपरिक तकनीक के माध्यम से घड़े के सूक्ष्म छिद्रों से पानी धीरे-धीरे रिसकर सीधे पौधों की जड़ों तक पहुंचता है, जिससे:

  • जमीन के अंदर नमी लंबे समय तक बनी रहती है
  • तेज धूप में पौधे सुरक्षित रहते हैं
  • पानी का वाष्पीकरण कम होता है
  • सिंचाई में पानी की बर्बादी घटती है

यह तकनीक सामान्य पाइप या बाल्टी से सिंचाई की तुलना में अधिक प्रभावी और टिकाऊ साबित हो रही है।


वृक्षारोपण के साथ संरक्षण पर भी विशेष जोर

जिला प्रशासन का उद्देश्य केवल वृक्षारोपण करना नहीं, बल्कि लगाए गए पौधों का दीर्घकालीन संरक्षण सुनिश्चित करना भी है। इस पहल से न केवल पौधों की जीवित रहने की संभावना बढ़ेगी, बल्कि जल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। 🌳

You cannot copy content of this page