बालोद जिले में ‘ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण’ अभियान शुरू



सीईओ जिला पंचायत सुनील चंद्रवंशी ने ली बैठक, अधिकारियों को दिया प्रशिक्षण

बालोद, 08 अप्रैल 2026। संस्कृति मंत्रालय भारत सरकार की पहल पर जिले में ‘ज्ञान भारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण अभियान’ का कार्य प्रारंभ हो गया है। जिले में अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए दिव्या उमेश मिश्रा कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय पुरातत्व समिति का गठन किया गया है। 📚


जिला स्तरीय समिति का गठन, अधिकारियों को मिली जिम्मेदारी

अभियान के संचालन हेतु:

  • सुनील चंद्रवंशी (सीईओ जिला पंचायत) — नोडल अधिकारी
  • प्राची ठाकुर — सहायक नोडल अधिकारी

के रूप में नियुक्त किए गए हैं।

समिति में सदस्य के रूप में:

  • चंद्रेश ठाकुर (जनसंपर्क अधिकारी)
  • मधुलिका तिवारी (जिला शिक्षा अधिकारी)
  • भूपेन्द्र तांडेकर
  • दीपक मेश्राम

को शामिल किया गया है।


बैठक में अभियान की रणनीति पर विस्तार से चर्चा

कलेक्टर के निर्देशानुसार नोडल अधिकारी सुनील चंद्रवंशी ने जिला स्तरीय समिति के सदस्यों, जनपद पंचायत सीईओ तथा मुख्य नगर पालिका अधिकारियों की बैठक लेकर:

  • पाण्डुलिपियों की पहचान
  • दस्तावेजीकरण
  • सर्वेक्षण प्रक्रिया
  • अभियान के क्रियान्वयन की रणनीति

पर विस्तृत जानकारी दी। 📝


पाण्डुलिपियों में सुरक्षित है भारत की ज्ञान परंपरा

बैठक में बताया गया कि यह राष्ट्रीय अभियान भारत की अमूल्य पाण्डुलिपि विरासत के संरक्षण, संवर्धन और दस्तावेजीकरण के उद्देश्य से प्रारंभ किया गया है। इन पाण्डुलिपियों में:

  • सभ्यता का ज्ञान
  • विज्ञान और दर्शन
  • सांस्कृतिक परंपराएं
  • ऐतिहासिक स्मृतियां

सुरक्षित हैं, जिन्हें आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना हम सभी की जिम्मेदारी है।


ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में नियुक्त होंगे सर्वेयर

अभियान के तहत:

  • ग्रामीण क्षेत्रों में ग्राम पंचायत सचिव
  • शहरी क्षेत्रों में वार्ड मुहर्रिर

को सर्वेयर नियुक्त किया गया है।

सर्वेक्षण का कार्य ज्ञान भारतम् मोबाइल ऐप के माध्यम से किया जाएगा। अधिकारियों को इसके उपयोग का प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। 📲


इन स्थानों पर पाण्डुलिपियों की खोज की जाएगी

सर्वेक्षण के दौरान संभावित संग्रह स्थलों में शामिल हैं:

  • विद्यालय एवं महाविद्यालय
  • शासकीय पुस्तकालय
  • संग्रहालय
  • शिक्षण एवं शोध संस्थान
  • संस्कृत पाठशालाएं
  • मठ, मंदिर, आश्रम, गुरूकुल
  • ट्रस्ट एवं निजी संग्रहकर्ता
  • पुरोहित, धर्माचार्य, ज्योतिषाचार्य, आयुर्वेदाचार्य
  • संस्कृत विद्वान

जनसहभागिता से सफल होगा अभियान

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सर्वेक्षण कार्य संग्रहकर्ता की सहमति से निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किया जाए तथा आम नागरिकों की सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता गतिविधियां भी आयोजित की जाएं। 🤝

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