बालोद /जगन्नाथपुर। इन दिनों रबी फसल के लिए गोंदली डैम से पानी छोड़ा गया है। यह पानी माइनर यानी छोटी नहरों के जरिए आसपास गांव के किसानों के खेतों तक पहुंच रही। लेकिन पानी की सप्लाई सही तरीके से ना होने व कुलापा ऊपर होने से खेतों तक पानी ठीक से नहीं पहुंच रहा है। पानी सप्लाई में अनियमितता सामने आ रही है। जब लगातार किसानों की समस्या को देखते हुए हम नहर नाली का जायजा लेने पहुंचे तो स्थिति वाकई में उलट-पुलट दिखी। जहां जरूरत थी वहां पर पानी पहुंचाने में किसानों को काफी परेशानी झेलनी पड़ रही तो जहां जरूरत नहीं है, ऐसे खेत में जहां कोई फसल ही नहीं लगी है, वहां पर तलाब जैसा पूरा पानी भरा हुआ है।

एक ही जगह पर दो-दो कुलापा लगा दिया गया है। तो जहां जरूरत है वहां एक भी कुलापा नहीं लगा है। ऐसे में जरूरतमंद किसानों को पानी को लेकर बहुत मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों के बीच आपस में वाद विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। किसान अपने खेतों की फसल बचाने के लिए रतजगा तक कर रहे हैं और रात में जाकर नहर की धारा मोड़ने का भी प्रयास कर रहे हैं। इससे कई बार विवाद की स्थिति पैदा हो रही है। आसपास के इलाके में परसदा, सांकरा , घुमका, जगन्नाथपुर, दरबारी नवागांव, कमरौद सहित अन्य गांवों के किसानों के खेत में डैम के जरिए ही पानी पहुंचता है। पर पानी समय पर नहीं पहुंच रहा और जहां जरूरत है वहां तक भी ठीक से नहीं पहुंच रहा। इससे किसानों में चिंता है कि वे अपनी फसल को कैसे बचाएंगे ? जिनके पास बोर है वे नहर से पानी मिलने के कारण बोर बंद करके अपने खेतों में पहले पानी सींच रहे हैं लेकिन जिनके पास कोई साधन नहीं है वहां तक पानी पहुंच नहीं पा रहा है।
धार भी कम होने के कारण पानी नहीं चढ़ रहा कुलापा में

कुछ किसानों ने बताया कि डैम से जो पानी छोड़ा गया है उसकी धार कम होने के कारण भी नहर लाइन में बनाए गए कुलापा में पानी नहीं चढ़ रहा है। जिससे उनके खेतों तक पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे किसान नहर में रेत से बोरी भरकर अलग से बंधान बना रहे हैं। ताकि धार मोटी हो और पानी पहुंचे। पर दूसरे किसान जहां तक पानी नहीं पहुंच रहा है, वे आपाधापी के चक्कर में उन बोरियों को हटाकर अपने खेत तक पानी पहुंचाने के लिए जुगत लगा रहे हैं। ऐसे में किसान आपस में ही पानी के लिए लड़ते दिख रहे हैं।

सब किसान को अपनी फसल बचाने की चिंता है। सिंचाई विभाग द्वारा सही तरीके से कुलापा निर्माण नहीं किए जाने व निगरानी ना किए जाने के चलते कुछ किसान नहर पानी को अपने हिसाब से इस्तेमाल कर रहें हैं। पर इसमें कई जरूरतमंद किसान जहां पानी बहुत जरूरी है वहां तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिससे उनकी फसल खासतौर से धान की फसल पर खतरा मंडरा रहा है। अलसुबह से ही किसान खेतों में पानी पहुंचाने के लिए मशक्कत करते दिखाई दे रहे हैं।
