बालोद – कृषि केंद्र से उधारी में लाखो की दवाई लेकर उसका भुगतान चेक से करने व चेक बाउंस होने पर कोर्ट ने बालोद जिले के एक किसान को तीन माह की सजा सुनाई है और रकम लौटाने का भी आदेश पारित किया है। जानकारी अनुसार परिवादी विजय कुमार साहू निवासी अछोली, विजय कृषि केंद्र, का प्रोपराइटर है, जो थोक एवं फुटकर में कीटनाशक दवाई का विक्रय करता है, आरोपी प्रेम लाल विश्वकर्मा, निवासी पीपरखार, (नाहंदा) देवरी के द्वारा अपने अष्टांग कृषि केंद्र में विक्रय के लिये, समय समय पर विजय के उक्त दुकान से कीटनाशक दवाई उधारी में ले जा कर अपने दुकान में विक्रय करता था, उधारी लेने-देने की सूचना हर 06 माह में स्टेटमेंट के माध्यम से आरोपी प्रेमलाल को दिया जाता था, इस प्रकार धीरे धीरे उधारी की रकम 7,46,720/- रु हो गई, जिसे मांग करने पर प्रेमलाल के द्वारा आज कल में ऊक्त उधारी रकम की भुगतान करने की बात कह कर टाल-मटोल किया जाता था, और अंत मे परिवादी को धोखा देने के आशय से ऊक्त शोध्यऋण के भुगतान स्वरूप देना बैंक, शाखा देवरी का एक चेक 7,46,720 रु का परिवादी को दिया था। परिवादी ने उक्त चेक को अपने बैंक PNB शाखा बालोद में रकम संग्रहण हुते पेश करने पर, चेक जारीकर्ता के खाता में रकम अपर्याप्त होने से अनादरित हो गया था, जिसकी विधिक नोटिस के बाद भी ऊक्त रकम का भुगतान नही करने से परिवादी ने कोर्ट में अधिवक्ता भेषकुमार साहू के माध्यम से परक्राम्य लिखित अधिनियम की धारा 138 के तहत परिवाद दायर किया था। जिस पर न्यायाधीश न्यायिक मजिस्ट्रेट बालोद पार्थ तिवारी ने 19 मार्च को निर्णय पारित करके अभियुक्त प्रेमलाल विश्वकर्मा को 3 माह का कारावास और परिवादी को 7,46,270 रु प्रतिकर के रूप से भुगतान करने का आदेश पारित किया। उक्त निर्णय को सुनने के बाद परिवादी और कीटनाशक व्यवसाय करने वालों ने न्याय और सत्य की जीत बताते हुए अधिवक्ता श्री साहू को बधाई दी।
कीटनाशक दवाई उधारी ले कर, चेक देना महंगा पड़ा, चेक हुआ बाउंस किसान को 3 माह की सजा
