पर्यावरण संरक्षण गतिविधि बालोद की पहल, ग्रामीणों को प्रकृति संरक्षण के लिए किया जागरूक
बालोद। पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति के प्रति सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने के उद्देश्य से पर्यावरण संरक्षण गतिविधि, बालोद द्वारा ग्राम फुलझर में कार्यशाला एवं बीजारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण के महत्व, जैव विविधता के संरक्षण तथा सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री विनोद कुमार साहू, जिला सहकार्यवाह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जिला बालोद रहे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के अवसर पर निर्धारित ‘पंच परिवर्तन’ के प्रमुख विषयों में पर्यावरण संरक्षण भी शामिल है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरणीय चुनौतियों को देखते हुए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
कार्यशाला के दौरान ग्रामीणों को पर्यावरण संतुलन बनाए रखने, वृक्षारोपण के लाभ, प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण तथा जैव विविधता को सुरक्षित रखने के विषय में जानकारी दी गई। साथ ही बीजारोपण की गतिविधि के माध्यम से पर्यावरण पुनर्जीवन के प्राकृतिक एवं दीर्घकालिक उपायों पर चर्चा की गई।
आयोजकों ने बताया कि केवल पौधे लगाने से आगे बढ़कर बीजारोपण की प्रक्रिया अपनाना प्रकृति संरक्षण का प्रभावी माध्यम है, जिससे भविष्य में हरित क्षेत्र विकसित करने में मदद मिलती है।
ग्राम फुलझर के मिलन स्थल पर आयोजित इस कार्यक्रम में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता देखने को मिली। कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण को जन-जागरूकता और सामुदायिक अभियान के रूप में आगे बढ़ाने का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से चन्द्रप्रकाश साहू, नकुल साहू, मुरली साहू, बद्री प्रसाद यादव, जयंत देशमुख, नीलकंठ साहू, हरिकिशन साहू, गरिमा साहू एवं अंजना साहू उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़ने की अपील की गई।












