महिला एवं बाल विकास विभाग की कार्रवाई, अभिभावकों को बच्चों की शिक्षा और अधिकारों के प्रति किया जागरूक
बालोद। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार महिला एवं बाल विकास विभाग तथा जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में जिला बाल संरक्षण इकाई एवं चाइल्ड हेल्पलाइन की टीम द्वारा डौंडीलोहारा क्षेत्र में विशेष जागरूकता एवं सतत मॉनिटरिंग अभियान चलाया गया। अभियान का उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा, उनकी सुरक्षा, शिक्षा तथा समग्र विकास सुनिश्चित करना रहा।
महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि 03 अगस्त को नगर पंचायत डौंडीलोहारा के विभिन्न वार्डों एवं सार्वजनिक स्थलों पर बाल श्रम प्रतिषेध एवं विनियमन अधिनियम, 1986 के तहत विशेष बाल श्रम रेस्क्यू अभियान संचालित किया गया। अभियान के दौरान 14 वर्ष से कम आयु के बाल श्रमिकों तथा भिक्षावृत्ति के लिए मजबूर बच्चों की पहचान कर आवश्यक कार्रवाई की गई।
निरीक्षण के दौरान टीम को एक बच्चा भिक्षावृत्ति की स्थिति में मिला। जांच में पता चला कि वह स्थानीय निवासी नहीं है, बल्कि अपने परिजनों के साथ महाराष्ट्र से आया हुआ घुमंतू परिवार का सदस्य है। टीम ने तत्काल बच्चे का रेस्क्यू कर उसके परिजनों का काउंसलिंग करते हुए बच्चों से भिक्षावृत्ति नहीं कराने और उन्हें शिक्षा से जोड़ने की समझाइश दी।
अभियान के दौरान स्थानीय नागरिकों, अभिभावकों और बच्चों से संवाद कर उन्हें शिक्षा के महत्व, बाल अधिकारों, बाल श्रम उन्मूलन तथा बच्चों की सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि कहीं बाल श्रम या भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चे दिखाई दें तो इसकी सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा चाइल्ड हेल्पलाइन को दें, ताकि बच्चों का सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित किया जा सके।








