15 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति आमंत्रित, आईआईटी रुड़की ने तैयार किए नक्शा एवं खसरा
बालोद। जिले के गुरूर तहसील अंतर्गत वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। कार्य एजेंसी आईआईटी रुड़की द्वारा तैयार किए गए नक्शा सीटों का भौतिक सत्यापन पूर्ण होने के बाद उनका अंतिम प्रकाशन किया जा रहा है। इस संबंध में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने उद्घोषणा जारी करते हुए संबंधित ग्रामों के भूधारकों एवं नागरिकों से 15 दिनों के भीतर दावा-आपत्ति प्रस्तुत करने का आग्रह किया है।
जारी जानकारी के अनुसार गुरूर तहसील के ग्राम बोरिदकला के आश्रित ग्राम आमापानी (पटवारी हल्का क्रमांक-27), ग्राम बालोद गहन के आश्रित ग्राम जगतरा (पटवारी हल्का क्रमांक-29) तथा ग्राम कर्रेझर के आश्रित ग्राम नगबेलडीह (पटवारी हल्का क्रमांक-37) के लिए आईआईटी रुड़की द्वारा अंतिम प्रकाशन हेतु एक-एक नक्शा सीट उपलब्ध कराई गई है।
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बताया कि राजस्व सर्वेक्षण दल द्वारा भौतिक सत्यापन के उपरांत संबंधित ग्रामों का नक्शा एवं खसरा तैयार किया गया है। यह अभिलेख संबंधित ग्राम पंचायतों में कार्यालयीन समय के दौरान अवलोकन के लिए उपलब्ध रहेगा, ताकि ग्रामीण एवं भूधारक उसका परीक्षण कर सकें।
उन्होंने बताया कि यदि किसी व्यक्ति या संस्था को नक्शा अथवा खसरा की किसी प्रविष्टि पर आपत्ति हो तो उद्घोषणा के प्रकाशन की तिथि से 15 दिनों के भीतर तहसील कार्यालय गुरूर अथवा संबंधित ग्राम पंचायत में स्वयं या अधिकृत अभिभाषक के माध्यम से लिखित दावा-आपत्ति प्रस्तुत कर सकते हैं। निर्धारित समय सीमा के बाद प्राप्त होने वाले आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
कलेक्टर द्वारा जारी उद्घोषणा के अनुसार वन ग्रामों को राजस्व ग्राम घोषित करने की प्रक्रिया को नियमानुसार आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे संबंधित ग्रामों के निवासियों को राजस्व अभिलेखों का लाभ मिल सकेगा।








