
फॉस्फोराइट-लाइमस्टोन खनिज भंडार की जानकारी के बाद ग्रामीणों में विस्थापन का डर, ग्राम सभा में एनओसी नहीं देने का लिया गया निर्णय
डौंडीलोहारा। डौंडीलोहारा विधानसभा क्षेत्र के ग्राम रायपुरा एवं सेमरडीह में फॉस्फोराइट-लाइमस्टोन खनिज भंडार मिलने की जानकारी के बाद संभावित खनन परियोजना को लेकर ग्रामीणों में चिंता और असमंजस का माहौल बन गया है। ग्रामीणों को आशंका है कि यदि क्षेत्र में खनन कार्य शुरू हुआ तो उन्हें अपने घर, जमीन और गांव से विस्थापित होना पड़ सकता है।
ग्रामीणों की बढ़ती चिंता और मांगों को लेकर डौंडीलोहारा विधायक अनिला भेड़िया ग्राम रायपुरा एवं सेमरडीह पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों से सीधा संवाद कर उनकी समस्याओं और आशंकाओं को सुना तथा स्थिति की जानकारी ली।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से खनन परियोजना के लिए एनओसी देने से इनकार

ग्राम रायपुरा के सरपंच डेविड बारले ने जानकारी देते हुए बताया कि तहसीलदार कार्यालय की ओर से पंचायत से प्रस्तावित खनन परियोजना के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मांगा गया था। इसके बाद ग्राम सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित हुए।
ग्राम सभा में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि गांव की ओर से किसी भी कंपनी को खनन के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा।
ग्रामीण बोले– हमारी जमीन ही हमारी पहचान है
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने विधायक के समक्ष स्पष्ट रूप से अपनी बात रखते हुए कहा कि वे किसी भी परिस्थिति में अपने गांव, घर और जमीन को छोड़ना नहीं चाहते। ग्रामीणों का कहना था कि उनकी आजीविका, संस्कृति, सामाजिक जीवन और पूर्वजों की विरासत गांव से जुड़ी हुई है।
ग्रामीणों ने कहा कि संभावित विस्थापन उनके लिए केवल स्थान परिवर्तन नहीं बल्कि जीवनशैली और सामाजिक पहचान पर भी प्रभाव डाल सकता है। इसलिए उनकी सहमति के बिना किसी भी परियोजना को लागू नहीं किया जाना चाहिए।
विधायक अनिला भेड़िया ने कहा– ग्रामीणों के अधिकारों का सम्मान जरूरी
ग्रामीणों की बात सुनने के बाद विधायक अनिला भेड़िया ने कहा कि ग्रामीणों की सहमति और हितों की अनदेखी कर कोई भी निर्णय नहीं लिया जाना चाहिए। उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि ग्रामीणों के अधिकारों की रक्षा के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा, “मैं ग्रामवासियों के साथ हूं। उनकी भावनाओं और अधिकारों का सम्मान होना चाहिए। ग्रामीणों की हर लड़ाई में हम उनके साथ खड़े रहेंगे और उनके हितों की रक्षा के लिए पूरा सहयोग करेंगे।”
गांव, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प
बैठक के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर अपने गांव, जमीन और अधिकारों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया। साथ ही प्रशासन से ग्राम सभा के निर्णय और ग्रामीणों की भावनाओं का सम्मान करने की मांग भी की गई।
इस अवसर पर प्रदेश प्रतिनिधि अनिल लोढ़ा, जिला उपाध्यक्ष हस्तीमल सांखला, जिला महामंत्री मेघनाथ साहू, पूर्व जनपद सदस्य माधव गिरी गोस्वामी, मंडल अध्यक्ष नेतराम भाड़ेलकर, गुलाब भंसाली, पोषण जोशी, मिथलेश जोशी, फागूराम रात्रे, उपसरपंच संगीता ठाकुर, डी.एस. राते, बट्टूराम पुने, हेमलाल पिस्दा, पूर्व सरपंच भगवती ठाकुर, महादास जोशी, धनेश साहू, प्रदीप नायक सहित ग्राम जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।











