सुप्रीत शर्मा,बालोद। लगातार बालोद व आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग की शिकायत सामने आ रही थी। जमीन दलाल भोले-भाले किसानों को चंद पैसों का लालच देकर उनकी जमीनों को अवैध तरीके से प्लाटिंग कर रहे थे। लगातार मिलती शिकायतों पर अब प्रशासन भी सख्त हो गया है। कलेक्टर के निर्देश के बाद बालोद एसडीएम रामसिंह ठाकुर ने भी मामले में कड़ा रुख अख्तियार किया और 33 लोगों को अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में खासतौर से बालोद पाररास और झलमला क्षेत्र में सामने आई अवैध प्लाटिंग की शिकायत पर जवाब मांगा गया है। संबंधित किसान जिनकी भूमि है उनके नाम से नोटिस जारी किए गए हैं। उन्हें कहा गया है कि जो भी प्लाटिंग या डायवर्शन से दस्तावेज संबंधित हैं उन्हें पेश करें। उनकी सत्यता की जांच के बाद ही प्लॉटिंग मान्य होगा। वरना कार्रवाई होगी। एसडीएम के इस तरह नोटिस दिए जाने के बाद जमीन दलालों के बीच भी हड़कंप मची हुई है।जिन भूमि या प्लाट पर अवैध प्लाटिंग की शिकायत सामने आई है, उन प्लाट के भूस्वामियों को शासन, प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जाने का सिलसिला शुरू हो गया है।
विभागीय अधिकारियों की माने तो नगर एवं ग्राम निवेश सिर्फ कालोनी व अन्य निर्माण कार्य के पूर्व एनओसी जारी करने का काम करता है। एनओसी के शर्तों के अनुरूप अगर निर्माण नहीं हो रहा है तो संबंधित विभाग उस पर कार्रवाई कर सकता है। लेकिन अगर कहीं पर सिर्फ अवैध प्लांटिंग हुई है तो उस पर नगर एवं ग्राम निवेश का कोई अधिकार नहीं होता है। इस पर कार्रवाई करने का अधिकार नगरीय निकाय का होता है। बावजूद ठोस कार्रवाई नहीं हुई थी। सूत्रों की मानें तो कई क्षेत्रों में बिना डायवर्सन के कृषि भूमि को पाटकर समतल कर दिया गया है। जानकारों की माने तो अवैध प्लाटिंग के उद्देश्य से ही रकबे को समतल किया गया है। शहर में अवैध प्लाटिंग जोरों पर है। कई स्थानों पर अवैध प्लाटिंग की जा रही है। कम दामों में प्लाट खरीदकार ज्यादा कीमत में बेचा जा रहा है। अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाईबालोद जिले में अवैध प्लाटिंग के मामले पर उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार कार्रवाई शुरू हो गई है। जांच के बाद 33 लोगों को नोटिस जारी किया गया है। ऐसे लोगों के खिलाफ आगे नियमानुसार कार्रवाई की बात एसडीएम ने की है।
शहर और गांवों मेंं बिना अनुमति हो रहा निर्माण
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्र में जमीन की खरीदी बिक्री हो रही है। नियमानुसार एसडीएम, टाउन व कंट्री प्लानिंग कार्यालय और नगर पालिका में आवेदन देकर अनुमति लेनी होती है। लेकिन प्लाटिंग के लिए कहीं से भी कोई अनुमति नहीं ली जा रही है। अब कार्रवाई करने की बातें अधिकारी कर रहे है।
सिवनी में कलेक्टोरेट जाने के बाद दलाल सक्रिय
बालोद सहित आसपास ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि में बिना डायवर्सन के ही अवैध प्लाॅटिंग की शिकायत लगातार सामने आ चुकी है। जिला कलेक्टोरेट के सिवनी में जाने के बाद से ही अवैध प्लाॅटिंग तेजी से हो रहा है। नियमित कार्रवाई व निगरानी नहीं होने से जमीन दलाल सक्रिय रहतें है। खेतों को अवैध रूप से बेधड़क प्लाट में तब्दील किया जा रहा है।
कालोनाइजर एक्ट का उल्लंघन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार कालोनाइजर एक्ट के तहत कृषि भूमि को प्लॉटिंग करना प्रतिबंधित है। लेकिन यहां शासन के अनुमति के बिना ही कृषि योग्य भूमि को दलाल किसान से खरीदकर प्लाट काट रहे हैं।
प्लाटिंग रोकने बनाई गई है टीम
जिले में अवैध प्लाॅटिंग को रोकने कलेक्टर ने अफसरों की एक कमेटी गठित की थी। जिसमें डिप्टी कलेक्टर, एसडीएम व नगर पालिका सीएमओ को शामिल किया गया। संबंधितों को जिले में हुई अवैध प्लाॅटिंग की सूची तैयार करने के निर्देश दिए हैं। इसी के आधार पर संबंधित अधिकारी कार्रवाई करते रहते हैं।
