DAILY BALOD NEWS

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“मोर गांव मोर पानी” अभियान बना ग्रामीण विकास की नई मिसाल

जल संरक्षण के साथ रोजगार और आजीविका सृजन को मिल रही नई दिशा

गुण्डरदेही में 8550 जल संरक्षण कार्यों से किसानों और ग्रामीणों को होगा सीधा लाभ

बालोद/गुण्डरदेही। जल संरक्षण, ग्रामीण आजीविका संवर्धन और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा संचालित “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान विकासखंड गुण्डरदेही में जनभागीदारी के साथ सफलतापूर्वक आगे बढ़ रहा है। इस अभियान के तहत गांव के पानी को गांव में ही रोकने और भू-जल स्तर को सुधारने के लिए व्यापक स्तर पर जल संरक्षण संबंधी कार्य किए जा रहे हैं।

कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुनील कुमार चंद्रवंशी के मार्गदर्शन में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण और ग्रामीण आजीविका से जुड़े हजारों कार्यों का निर्माण कराया गया है।

8550 जल संरक्षण कार्यों का हुआ निर्माण

जनपद पंचायत गुण्डरदेही में अब तक 8550 जल संरक्षण कार्य कराए जा चुके हैं। इनमें प्रमुख रूप से नवा तरिया निर्माण, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, मैजिक पिट, परकोलेशन टैंक, आजीविका डबरी, चेकडेम और ट्रेंच निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं।

इन संरचनाओं के निर्माण से वर्षा जल का संचयन होगा, भू-जल स्तर में सुधार आएगा और किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो सकेगा।

आजीविका डबरी से बढ़ेगी किसानों की आय

अभियान के अंतर्गत बड़ी संख्या में आजीविका डबरी का निर्माण किया जा रहा है। इससे ग्रामीण परिवारों को मछली पालन, सब्जी उत्पादन और कृषि सिंचाई जैसी गतिविधियों का लाभ मिलेगा। इससे किसानों की आय में वृद्धि होने के साथ-साथ उनकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत होगी।

कृषि उत्पादन में होगी बढ़ोतरी

जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण से विकासखंड गुण्डरदेही के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे वे अतिरिक्त फसल लेने में सक्षम होंगे। पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से कृषि उत्पादन में बढ़ोतरी होगी और किसानों की निर्भरता केवल वर्षा पर नहीं रहेगी।

ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल

“मोर गांव मोर पानी” महाअभियान केवल जल संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्राकृतिक संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, रोजगार सृजन और ग्रामीण विकास का प्रभावी माध्यम बन रहा है। अभियान के तहत किए जा रहे कार्यों से ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर रोजगार भी प्राप्त हो रहा है।

जनभागीदारी से मजबूत होगा जल संरक्षण आंदोलन

प्रशासन का मानना है कि जनसहभागिता आधारित यह अभियान भविष्य में जल संरक्षण, कृषि विकास और ग्रामीण आजीविका को नई मजबूती प्रदान करेगा। “मोर गांव मोर पानी” महाअभियान जल संकट के समाधान के साथ-साथ आत्मनिर्भर गांवों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायी पहल साबित हो रहा है।

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