गुंडरदेही तहसील सिन्हा (कलार) समाज चुनाव: त्रिकोणीय मुकाबले में गोविन्द सिन्हा बने मंडलेश्वर



🗳️ शांतिपूर्ण मतदान के साथ ऐतिहासिक त्रिकोणीय मुकाबला

छत्तीसगढ़ सिन्हा (कलार) समाज, तहसील गुंडरदेही के मंडलेश्वर पद का निर्वाचन ग्राम सलौनी (माहुद) में शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ। निर्वाचन प्रक्रिया इष्टदेवी माता बहादुर कलारिन एवं भगवान सहस्त्रबाहु अर्जुनदेव की पूजा-अर्चना के साथ प्रारंभ हुई।

इस बार चुनाव में पहली बार त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला, जिसमें
गोविन्द सिन्हा (कलँगपुर), पीताम्बर सिन्हा (साँकरी) और ओमप्रकाश सिन्हा (सिर्राभाठा/हल्दी) मैदान में थे।


🏆 50 मतों से जीते गोविन्द सिन्हा

रोचक मुकाबले में गोविन्द सिन्हा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंदी पीताम्बर सिन्हा को 50 मतों के अंतर से हराकर मंडलेश्वर पद पर जीत दर्ज की।

खास बात यह रही कि गोविन्द सिन्हा बिना किसी पैनल के अकेले चुनाव मैदान में उतरे और दो मजबूत पैनलों को पीछे छोड़ते हुए जीत हासिल की, जो उनकी लोकप्रियता और प्रभावी रणनीति को दर्शाता है।


🌟 लगातार तीसरी बार सरपंच रह चुके हैं गोविन्द सिन्हा

गोविन्द सिन्हा ग्राम पंचायत कलँगपुर में अपनी पत्नी पुष्पा सिन्हा के साथ लगातार तीसरी बार सरपंच पद पर निर्वाचित हो चुके हैं, जिससे उनकी क्षेत्र में मजबूत पकड़ का अंदाजा लगाया जा सकता है।


📜 शपथ ग्रहण कार्यक्रम संपन्न

जिला निर्वाचन अधिकारी अश्वनी सिन्हा द्वारा परिणाम घोषित किए जाने के बाद जिला संरक्षक ओमप्रकाश गजेंद्र ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई—

  • मंडलेश्वर: गोविन्द सिन्हा
  • सचिव: रामनारायण सिन्हा
  • कोषाध्यक्ष: रामनारायण सिन्हा
  • महिला मंच अध्यक्ष: माधवी सिन्हा
  • सचिव: पदमनी सिन्हा
  • कोषाध्यक्ष: रेणुका सिन्हा
  • युवा मंच अध्यक्ष: वरुण डड़सेना
  • सचिव: खोमेश्वर सिन्हा
  • कोषाध्यक्ष: अनिल सिन्हा

🙏 आभार एवं बड़ी संख्या में उपस्थिति

निर्वाचन कार्यक्रम का आभार ग्राम सलौनी सिन्हा समाज अध्यक्ष दुष्यन्त सिन्हा ने व्यक्त किया।

इस अवसर पर प्रमुख रूप से—
जिला अध्यक्ष चमन सिन्हा, जिला सचिव चंद्रहास सिन्हा, जिला कोषाध्यक्ष हरदेव सिन्हा, जिला मुख्य कोष निरीक्षक घनश्याम सिन्हा, सह निर्वाचन अधिकारी रामस्वरूप सिन्हा, निर्वाचन सहयोगी रूपेंद्र सिन्हा, भुपेन्द्र सिन्हा, सरपंच पुष्पा सिन्हा, अर्जुन सिन्हा, अगेश्वर सिन्हा, तेजराम सिन्हा, तामेश्वर सिन्हा, प्रमोद सिन्हा, लीलाधर सिन्हा, लोकमान्य सिन्हा, सोमन सिन्हा, लुकेश सिन्हा, गब्बर सिन्हा, लीला सिन्हा, खोमेंद्र सिन्हा, जनक सिन्हा, कन्हैया सिन्हा, रवि गजेंद्र, प्रीतम सिन्हा, तोरण सिन्हा, दानीराम सिन्हा, भोलाराम सिन्हा, रेखलाल सिन्हा, बृजलाल सिन्हा सहित सैकड़ों की संख्या में समाजजन उपस्थित रहे।


🌟 सामाजिक एकता का संदेश

यह निर्वाचन न केवल संगठनात्मक मजबूती का प्रतीक बना, बल्कि समाज में लोकतांत्रिक परंपराओं और एकजुटता का भी संदेश देने में सफल रहा।

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