बालोद। शासकीय राशन दुकानों में पर्याप्त स्टॉक नहीं पहुंचने से वितरण व्यवस्था प्रभावित हो रही है। शिवसेना नेता विजय पारख ने इस मुद्दे को उठाते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अप्रैल माह में तीन माह का राशन एकमुश्त वितरण करने का निर्देश दिया गया है, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात इसके विपरीत नजर आ रहे हैं।
स्टाफ पर बढ़ रहा दबाव, व्यवस्था हो रही प्रभावित
राशन दुकानों के संचालन में लगे कर्मचारियों की मुख्य समस्या स्टॉक की कमी और कार्यभार का दबाव बनकर सामने आ रही है।
- दुकानों में पर्याप्त राशन उपलब्ध नहीं होने से कर्मचारियों को उपभोक्ताओं के सवालों का सामना करना पड़ रहा है।
- डेटा में तीन माह का वितरण दिख रहा है, लेकिन वास्तविकता में केवल एक माह का ही राशन दिया जा रहा है।
- इससे कर्मचारियों और हितग्राहियों के बीच असंतोष और भ्रम की स्थिति बन रही है।
लॉजिस्टिक और सप्लाई की चुनौती
कर्मचारियों का कहना है कि समय पर स्टॉक नहीं पहुंचने के कारण—
- वितरण प्रक्रिया बाधित हो रही है
- उपभोक्ताओं को बार-बार लौटना पड़ रहा है
- स्टाफ पर अनावश्यक दबाव बढ़ रहा है
विजय पारख ने उठाई मांग
विजय पारख ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा गर्मी को देखते हुए तीन माह का राशन देने की पहल सराहनीय है, लेकिन इसका लाभ तभी मिलेगा जब राज्य स्तर पर समय पर और पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध कराया जाए।
समाधान की जरूरत
उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की कि—
- राशन दुकानों में पर्याप्त स्टॉक की तत्काल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए
- स्टाफ की समस्याओं को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाया जाए
👉 यदि स्टॉक और स्टाफ दोनों की समस्या दूर होती है, तभी आम जनता को राहत मिल सकेगी।
