स्वच्छ धरा वेलफेयर का 163वां अभियान: तालाबों व मंदिरों में सफाई के साथ जल संरक्षण का संदेश



बालोद/भिलाई। “हरा-भरा, स्वच्छ धरा” के संकल्प को साकार करते हुए स्वच्छ धरा वेलफेयर समिति छत्तीसगढ़ ने अपना 163वां स्वच्छता, जल संरक्षण एवं नशामुक्ति जागरूकता अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया। इस दौरान टीम ने भिलाई नगर के हडको तालाब, बालोद के शिव पार्वती धाम, सुरेगांव के महाकाल शिव मंदिर और भिलाई के शिव दुर्गा मंदिर परिसर में व्यापक सफाई अभियान चलाया।

तालाब और मंदिरों से हटाया गया कचरा

अभियान के दौरान टीम ने तालाबों व मंदिरों में फैले पूजन सामग्री, प्लास्टिक, गुटखा पाउच, पानी की बोतलें, झिल्ली, कागज, दोना-पत्तल जैसे कचरे को एकत्रित कर निर्धारित स्थान पर डंप किया। यह कचरा सड़कर दुर्गंध फैला रहा था, जिसे हटाकर परिसर को स्वच्छ बनाया गया।

लोगों को किया जागरूक

अभियान के दौरान श्रद्धालुओं और आम नागरिकों को समझाइश दी गई कि वे कचरा इधर-उधर न फेंकें और निर्धारित स्थानों पर ही डालें।
साथ ही “जल है तो बल है”, “जल ही जीवन धारा है” और “जागो और जगाओ, स्वच्छता अपनाओ” जैसे नारों के माध्यम से जनजागरूकता फैलायी गई।

पौधों की देखभाल और जल संरक्षण पर जोर

समिति की सदस्य नीता बघेल द्वारा तालाब परिसर में लगे पौधों को पानी दिया गया। गर्मी के मौसम को देखते हुए पौधों की नियमित देखभाल का संकल्प भी लिया गया।

प्रशासन से की गई मांग

संस्थापक एवं प्रदेश अध्यक्ष नवनीत कुमार हरदेल ने बताया कि इस बार निगम प्रशासन का अपेक्षित सहयोग नहीं मिला, जिससे सफाई कार्य में कठिनाई हुई।
उन्होंने प्रशासन से मांग की कि तालाब में पूजन सामग्री विसर्जन के लिए अलग कुंड का निर्माण कराया जाए, ताकि जल स्रोत स्वच्छ बने रहें।

जनभागीदारी की अपील

समिति के आजीवन सदस्य महेंद्र यादव ने कहा कि संस्था लगातार स्वच्छता और जल संरक्षण के लिए लोगों को प्रेरित कर रही है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपने-अपने क्षेत्रों में स्वच्छता अभियान चलाने और पर्यावरण संरक्षण में भागीदारी निभाने की अपील की।

अभियान में रहे शामिल

इस अभियान में नवनीत कुमार हरदेल, सरोज टहनगुरिया, कार्तिक राम चंद्राकर, महेंद्र यादव, टिकेंद्र हरदेल, डेरहा देशमुख, भागीरथी सिन्हा, नीता बघेल, अरुण अग्रवाल, दाऊलाल बघेल, भानु सिंह साहू, चितरंजन दुर्गा देशमुख, उमेद साहू, टीनल हरदेल सहित कई सदस्य सक्रिय रूप से शामिल रहे।

👉 संदेश साफ है — स्वच्छता और जल संरक्षण ही बेहतर भविष्य की कुंजी है।

You cannot copy content of this page