शिवदर्शन आध्यात्मिक मेले के दूसरे दिवस हुआ विशेष उद्घाटन



शिक्षाविदों की उपस्थिति में आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का दिया गया संदेश

बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय आमापारा बालोद द्वारा आयोजित शिवदर्शन आध्यात्मिक मेले के दूसरे दिवस का उद्घाटन सेजेस बालोद के प्राचार्य अरूण साहू, संस्कार शाला के प्राचार्य मदन मोहन खटवा, गुरुकुल विद्यापीठ के प्राचार्य कमल नारायण साव, ब्रह्माकुमारीज सेवाकेन्द्र संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी एवं सह-संचालिका बी.के. सरिता के करकमलों से किया गया। कार्यक्रम का संचालन बी.के. मनीष ने किया।


भगवान कहलाने के लिए पांच योग्यताओं का होना आवश्यक — बी.के. सरिता दीदी

इस अवसर पर बी.के. सरिता दीदी ने परमात्मा शिव का आध्यात्मिक परिचय देते हुए कहा कि भगवान कहलाने के लिए पांच विशेष योग्यताएं होना आवश्यक है— सर्वधर्म मान्य, सर्वज्ञ, अजन्मा, सर्वोपरि तथा सर्वगुण सम्पन्न। उन्होंने कहा कि ये सभी योग्यताएं केवल परमात्मा शिव में ही पूर्ण रूप से विद्यमान हैं, इसलिए उनकी पूजा विश्वभर में की जाती है।


विश्व के 140 देशों में आत्मा-परमात्मा का संदेश दे रहा ब्रह्माकुमारीज संस्थान

बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि शिवदर्शन आध्यात्मिक मेले का मुख्य उद्देश्य लोगों को परमात्मा के सत्य स्वरूप और उनकी शक्तियों से परिचित कराना है। उन्होंने बताया कि प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय विश्व के लगभग 140 देशों में आत्मा और परमात्मा के सत्य ज्ञान का प्रसार कर रहा है।


आध्यात्मिकता से जीवन में उत्कृष्टता आती है — अरूण साहू

सेजेस बालोद के प्राचार्य अरूण साहू ने कहा कि शिव का अर्थ ही कल्याणकारी है, जो हमारी अंतरात्मा और बाहरी जगत के बीच संतुलन स्थापित करता है। उन्होंने कहा कि ब्रह्माकुमारीज के आयोजन जीवन की उत्कृष्टता प्राप्त करने और समाज कल्याण के लिए प्रेरित करते हैं।


बच्चों को भी ऐसे आयोजनों में लाना जरूरी — मदन मोहन खटवा

संस्कार शाला के प्राचार्य मदन मोहन खटवा ने कहा कि शिक्षक विद्यालयों में अक्षर और संख्यात्मक ज्ञान देते हैं, लेकिन आध्यात्मिक ज्ञान की आवश्यकता ऐसे आयोजनों के माध्यम से ही पूरी होती है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों को भी ऐसे कार्यक्रमों में लाने का आग्रह किया।


मेले में मिली दिव्य शांति की अनुभूति — कमल नारायण साव

गुरुकुल विद्यापीठ के प्राचार्य कमल नारायण साव ने कहा कि सामान्यतः मेले का नाम सुनते ही भीड़ और शोर-शराबे की कल्पना होती है, लेकिन यहां पहुंचकर दिव्य शांति और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव हुआ।


8 अप्रैल से शुरू होगा राजयोग शिविर

आयोजकों ने बताया कि 3 अप्रैल से 7 अप्रैल तक चलने वाले शिवदर्शन आध्यात्मिक मेले के पश्चात 8 अप्रैल से राजयोग शिविर आयोजित किया जाएगा। यह शिविर प्रतिदिन सुबह 7 बजे से 8 बजे तक तथा शाम 7 बजे से 8 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें इच्छुक श्रद्धालु भाग लेकर आध्यात्मिक लाभ प्राप्त कर सकेंगे। 🕉️✨

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