सुशासन तिहार में उठा करहीभदर की बदहाल व्यवस्था का मुद्दा, पुलिस गश्त और जाम से जनता परेशान



कॉलेज, उपतहसील और थाना की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन, मंच पर अपर कलेक्टर और जनपद सदस्य के बीच हुई नोंकझोंक

बालोद/करहीभदर। सुशासन तिहार के दौरान करहीभदर क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन के सामने जोरदार तरीके से आवाज उठाई। जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने पुलिस विभाग पर क्षेत्र में नियमित गश्त नहीं करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई।

बाजार में जाम और सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने बताया कि करहीभदर गांव में जिले का बड़ा बाजार और मवेशी बाजार लगता है, जहां भारी भीड़ उमड़ती है। गांव से होकर रायपुर और दुर्ग जाने वाला मुख्य मार्ग गुजरता है, जिसके चलते बाजार के दिनों में घंटों जाम की स्थिति बनी रहती है।

उन्होंने कहा कि पर्याप्त पुलिस पेट्रोलिंग नहीं होने से चोरी और असामाजिक गतिविधियों की आशंका बनी रहती है। वहीं शराब भट्टी होने के कारण कुछ लोग खेतों में बैठकर शराब पीते हैं और शराब की खाली शीशियां वहीं छोड़ देते हैं, जिससे ग्रामीणों को परेशानी होती है।

कॉलेज, उपतहसील और थाना खोलने की मांग

सुशासन तिहार के दौरान क्षेत्रवासियों की ओर से कॉलेज, उपतहसील और थाना खोलने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम अपर कलेक्टर को ज्ञापन भी सौंपा गया।

खाद की समस्या पर बोलते समय हुआ विवाद

कार्यक्रम के दौरान खाद संकट को लेकर जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना अपना पक्ष रख रहे थे। इसी दौरान अपर कलेक्टर द्वारा बीच में टोके जाने पर दोनों के बीच नोंकझोंक की स्थिति बन गई।

मौके पर मौजूद नागरिकों ने भी शासन-प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताई, जिससे कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया। हालांकि बाद में लोगों और अधिकारियों की समझाइश के बाद मामला शांत कराया गया।

ग्रामीणों ने समस्याओं के समाधान की उठाई मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था सुधारने, नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने और क्षेत्र की मूलभूत समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की मांग की है।

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