45 डिग्री की तपती धूप में आस्था का अद्भुत सफर: आंध्रप्रदेश से पैदल खाटू श्याम के दरबार जा रहा 24 वर्षीय युवक



पीठ पर तिरंगा, हाथ में आस्था… हजारों किलोमीटर की पदयात्रा पर निकला हर्ष,देखिए वीडियो

बालोद। जहां इन दिनों 40 से 45 डिग्री तापमान के बीच लोग घरों से बाहर निकलने से भी घबरा रहे हैं, वहीं 24 वर्षीय युवक अपनी अटूट श्रद्धा और मजबूत संकल्प के बल पर हजारों किलोमीटर का सफर पैदल तय कर रहा है। आंध्रप्रदेश के विजयनगरम से राजस्थान के सीकर स्थित प्रसिद्ध खाटू श्याम मंदिर के दर्शन के लिए निकला युवक इन दिनों बालोद जिले से गुजर रहा है।

युवक का नाम हर्ष कुमार सोनी है। मूल रूप से राजस्थान क्षेत्र के रहने वाले हर्ष काम के सिलसिले में आंध्रप्रदेश के विजयनगरम में रहते हैं। वहीं से उन्होंने 4 मई की रात करीब 10 बजे अपनी पदयात्रा शुरू की। खाटू श्याम के दर्शन करने के बाद वे कुछ दिन अपने घर रुकेंगे और फिर वापस काम पर लौटेंगे।

15 दिन का सफर पूरा, अभी 25 दिन और चलना बाकी

हर्ष कुमार ने बताया कि वे अब तक करीब 15 दिनों का पैदल सफर तय कर चुके हैं। अभी उनकी यात्रा में लगभग 25 दिन और लग सकते हैं। लगातार बिना रुके 24 घंटे पैदल चला जाए तो यह दूरी लगभग 15 दिनों में पूरी हो सकती है, लेकिन सामान्य रूप से रुकते हुए, विश्राम करते हुए यात्रा करने पर करीब एक महीने का समय लग जाता है।

भीषण गर्मी, लंबी दूरी और थकान के बावजूद उनके कदम नहीं रुक रहे हैं। वे रोज कई किलोमीटर पैदल चलकर अपनी मंजिल की ओर बढ़ रहे हैं। खास बात यह है कि वे किसी प्रकार की लिफ्ट नहीं लेते और पूरी यात्रा पैदल ही तय कर रहे हैं।

पीठ पर बैग, तिरंगा और खाटू श्याम का ध्वज

हर्ष अपनी पीठ पर जरूरी सामान से भरा बैग लेकर चल रहे हैं। उनके साथ एक तिरंगा और खाटू श्याम का ध्वज भी है, जिसे वे पूरे सम्मान के साथ यात्रा में साथ लेकर चल रहे हैं। रास्ते में जहां भी लोग उन्हें देखते हैं, उनकी श्रद्धा और देशभक्ति दोनों की सराहना करते नजर आते हैं।

मंदिरों और विश्राम गृहों में बिताते हैं रात

हर्ष ने बताया कि वे रात के समय मंदिरों या विश्राम गृहों में रुकते हैं। रास्ते में कई लोग उनकी आस्था से प्रभावित होकर भोजन, पानी और ठहरने में सहयोग भी कर रहे हैं। हालांकि भीषण गर्मी के कारण कई बार पानी की दिक्कत का सामना भी करना पड़ता है।

उन्होंने बताया कि परिवार भी उनकी इस यात्रा और आस्था से बेहद खुश है और लगातार उनका हौसला बढ़ा रहा है।

आस्था के आगे फीकी पड़ रही तपती धूप

बालोद जिले से गुजरते समय लोगों ने जब इस युवक को तपती सड़क पर लगातार चलते देखा तो हर कोई उसकी हिम्मत और विश्वास को देखकर प्रभावित हो गया। कई लोगों ने उसे रोककर हालचाल पूछा और पानी व भोजन की व्यवस्था भी कराई।

युवाओं के लिए प्रेरणा बन रही पदयात्रा

हर्ष कुमार सोनी की यह यात्रा सिर्फ धार्मिक यात्रा नहीं बल्कि धैर्य, अनुशासन और अटूट विश्वास की मिसाल बन गई है। आज के दौर में जहां लोग छोटी-छोटी परेशानियों से हार मान लेते हैं, वहीं यह युवक हजारों किलोमीटर का सफर पैदल तय कर यह संदेश दे रहा है कि सच्ची श्रद्धा और मजबूत इरादों के सामने कोई भी कठिनाई बड़ी नहीं होती।

You cannot copy content of this page