जनदर्शन पहुंचा पंचायत विवाद: उपसरपंच ने सरपंच पर लगाए गंभीर आरोप, सरपंच बोले— सभी आरोप निराधार



अधूरे निर्माण कार्य, पेयजल और फंड उपयोग को लेकर शिकायत; जांच की उठी मांग

बालोद/अर्जुंदा। गुण्डरदेही ब्लॉक के ग्राम पंचायत डूंडेरा में पंचायत कार्यों को लेकर विवाद गहराता नजर आ रहा है। ग्राम पंचायत के उपसरपंच जगनू राम ठाकुर ने कलेक्टर जनदर्शन में पहुंचकर सरपंच के खिलाफ शिकायत दर्ज कराते हुए विभिन्न कार्यों में लापरवाही और अनियमितता का आरोप लगाया है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग की है।

उपसरपंच ने लगाए ये प्रमुख आरोप

उपसरपंच जगनू राम ठाकुर ने शिकायत में कहा है कि गांव में कला मंच, नाली निर्माण एवं बाजार पारा में सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा हुआ है। इसके अलावा 15वें वित्त आयोग, बाजार हाट एवं अन्य मदों की राशि के दुरुपयोग का आरोप भी लगाया गया है।

उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत के विकास कार्यों में पंच और उपसरपंच के साथ भेदभाव किया जाता है तथा सरपंच स्वयं मनमाने तरीके से कार्य करते हैं। गांव की स्वच्छता व्यवस्था पर भी लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है।

मार्च से पेयजल संकट का आरोप

शिकायत में गांव में मार्च महीने से पेयजल समस्या बने रहने की बात भी कही गई है। उपसरपंच का आरोप है कि ग्रामीणों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में गंभीरता से काम नहीं किया जा रहा है।

सरपंच ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

वहीं मामले में ग्राम पंचायत डूंडेरा के सरपंच थलेश सिन्हा ने सभी आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि यदि किसी फंड की राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाया जा रहा है तो पहले उसे प्रमाणित किया जाना चाहिए।

सरपंच ने कहा कि पंचायत के सभी कार्य प्रस्ताव के माध्यम से पंचों की सहमति से किए जाते हैं। कला मंच और नाली निर्माण कार्य में मिस्त्री नहीं मिलने तथा भीषण गर्मी के कारण देरी हो रही है।

सार्वजनिक शौचालय निर्माण को लेकर दी सफाई

सरपंच थलेश सिन्हा ने बताया कि बाजार चौक के पास लगभग 1 लाख 20 हजार रुपए की लागत से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। ग्रामीण और पंचगण उसमें छत ढलवाने की मांग कर रहे हैं, जबकि उपलब्ध बजट में टीन शेड वाला निर्माण ही संभव है। अतिरिक्त बजट मिलने पर आगे छत ढालने का कार्य कराया जाएगा, इसी कारण फिलहाल काम रुका हुआ है।

पानी की समस्या दूर करने का दावा

सरपंच ने कहा कि गांव में पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। नया बोर कराया गया है, जिसमें अब तक लगभग दो लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पंचायत कार्यों की निर्माण एजेंसी ग्राम पंचायत और सरपंच ही होते हैं, इसलिए नियमानुसार कार्य किए जा रहे हैं।

ग्रामीणों की नजर अब प्रशासनिक जांच पर

मामला जनदर्शन तक पहुंचने के बाद अब ग्रामीणों की नजर प्रशासनिक जांच और कार्रवाई पर टिकी हुई है। पंचायत स्तर पर उठे इस विवाद को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

You cannot copy content of this page