“गुलाम भारत में जाति गणना हुई तो आज क्यों नहीं?”—ओबीसी महासभा का बड़ा सवाल, पोस्टकार्ड अभियान तेज



बालोद।
ओबीसी महासभा द्वारा राष्ट्रीय जनगणना 2027 में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को शामिल किए जाने की मांग को लेकर प्रदेशभर में पोस्टकार्ड लेखन अभियान चलाया जा रहा है। महासभा ने सवाल उठाते हुए कहा है कि जब गुलाम भारत में जाति आधारित जनगणना संभव थी, तो आजाद भारत में यह क्यों नहीं हो सकती?

📌 जनगणना में ओबीसी को शामिल करने की मांग तेज

ओबीसी महासभा के अनुसार, राष्ट्रीय जनगणना में ओबीसी वर्ग को शामिल किए जाने के लिए विगत कई वर्षों से ज्ञापन सौंपे जा रहे हैं। लेकिन गृह मंत्रालय के महा रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना और राष्ट्रीय जनगणना 2027 के 34 कॉलम वाले प्रपत्र के कॉलम नंबर 13 में इस बार भी ओबीसी के लिए अलग कोड निर्धारित नहीं किया गया है, जिससे ओबीसी की गणना संभव नहीं हो पाएगी।

📌 जनगणना का उद्देश्य अधूरा—महासभा

महासभा ने कहा कि जनगणना का मुख्य उद्देश्य देश की सामाजिक विविधताओं को सामने लाना है। नीति निर्माता, समाजशास्त्री, अर्थशास्त्री और जनसंख्याविद इन्हीं आंकड़ों के आधार पर योजनाएं बनाते हैं, इसलिए सभी वर्गों का पृथक-पृथक डेटा जरूरी है।

📌 पहले चरण में सौंपे गए ज्ञापन

पोस्टकार्ड अभियान के दूसरे चरण से पहले महासभा द्वारा प्रथम चरण में प्रदेशभर में कलेक्टर, एसडीएम और तहसीलदार के माध्यम से
महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा भारत सरकार के पंजीयक जनरल एवं जनगणना आयुक्त, नई दिल्ली को ज्ञापन सौंपा गया था।

📌 पोस्टकार्ड अभियान में क्या है मांग

इस अभियान के तहत मांग की जा रही है कि:

  • जनगणना 2027 में ओबीसी के लिए अलग कोड निर्धारित किया जाए
  • सभी वर्गों का पृथक डेटा एकत्र किया जाए
  • अधिकृत आंकड़े प्रकाशित होने के बाद ओबीसी को आबादी के अनुपात में आरक्षण प्रदान किया जाए

📌 यूजीसी विनियम 2026 का समर्थन

ओबीसी महासभा ने 13 जनवरी 2026 को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा जारी विनियम 2026 का समर्थन करते हुए कहा कि यह उच्च शिक्षा संस्थानों में समावेशी और सुरक्षित वातावरण बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

📌 समान अवसर केंद्र होंगे अनिवार्य

महासभा के अनुसार इस विनियम की सबसे अहम विशेषता यह है कि:

  • प्रत्येक उच्च शिक्षण संस्थान में समान अवसर केंद्र (Equal Opportunity Centre) की स्थापना अनिवार्य होगी
  • यह केंद्र वंचित वर्गों के छात्रों व कर्मचारियों को शैक्षणिक सहायता, परामर्श और करियर मार्गदर्शन प्रदान करेगा
  • साथ ही यह ऐसा सुलभ मंच होगा, जहां हर विद्यार्थी आत्मविश्वास के साथ अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सके

👉 कुल मिलाकर, ओबीसी महासभा का यह अभियान न केवल जनगणना में प्रतिनिधित्व की मांग को मजबूत कर रहा है, बल्कि शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर और सामाजिक न्याय की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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