ब्रेकिंग : अरमूरकसा में तथाकथित बच्चा चोरी की घटना पर हुआ बड़ा खुलासा, घर पहुंचने में हुई देरी तो 10 साल की बच्ची ने सुना दी गांव वालों को मनगढ़ंत कहानी, असल में चिकन पार्टी करके लौटी थी बच्ची, देखिए कैसे पकड़ाया बच्ची का झूठ



दल्ली राजहरा के ज्योति अस्पताल में भर्ती बच्ची अभी भी पूछताछ में यही कह रही कि मुझे बच्चा चोर चॉकलेट खिलाकर बोरा में बंद करके ले गए थे

बालोद/ दल्ली राजहरा। दल्ली राजहरा थाना क्षेत्र के ग्राम अरमूरकसा में बीती रात को 10 साल की एक बच्ची को बच्चा चोरों द्वारा चोरी करने के प्रयास का मामला सामने आया था। हालांकि इसे बच्चा चोरी की घटना इसलिए माना जा रहा था क्योंकि स्वयं बच्ची द्वारा यह बात कही जा रही थी। बच्ची डरी सहमी थी और उसकी बातों पर भरोसा करके मौके पर मौजूद सभी इस घटना को वास्तविक मान बैठे। रात में बच्ची को तेज बुखार आने के कारण ज्योति अस्पताल दल्ली राजहरा में भर्ती कराया गया।

जहां वह अभी भी भर्ती है। पहले से स्वास्थ्य में सुधार आ चुका है। पुलिस प्रशासन द्वारा इस मामले की गंभीरता से लेते हुए छानबीन की गई। स्वयं पूर्व जनपद सदस्य कुसुमकसा के संजय बैस भी इस घटना के हर पहलू पर जांच कर रहे थे कि अगर वास्तव में बच्चा चोरी का प्रयास हुआ है तो जो भी संदिग्ध आए होंगे उन्हें पकड़ा जा सके या जो भी सच्चाई है सामने आ सके। अंततः मामले में बुधवार को उस वक्त नया मोड़ आ गया, जब कुसुम कसा में ट्रक ड्राइवर से पूछताछ हुई तो मालूम हुआ कि बच्ची तो रात में 10:00 बजे के पहले तक उनके साथ थी और बच्ची ने उनके साथ चिकन पार्टी भी की। इधर जब पुलिस ज्योति अस्पताल में भर्ती 10 साल की बच्ची से पूछताछ की और साथ ही हमारी मीडिया टीम ने भी बच्ची से घटना के बारे में पूछा तो अब भी वह अपने बातों पर कायम नजर आई और अपनी मन गढ़ंत कहानी को सच की तरह बताने लगी। यह इत्तेफाक ही था कि जिन ट्रक ड्राइवर के साथ बच्ची ने चिकन पार्टी किया उन लोगों ने बच्ची के साथ खाना खाते हुए सेल्फी तस्वीर भी ली थी

जिसे पुलिस ने देखा तो सारी सच्चाई सामने आ गई और अंतत यह साबित हुआ कि बच्ची रात 10:00 बजे घर पहुंची तब तक सोशल मीडिया में उसके लापता होने की जानकारी वायरल हो चुकी थी। घर वाले काफी परेशान थे। गांव में उसके अपहरण को लेकर या बच्चा चोरी को लेकर माहौल बन चुका था। ऐसे में बच्ची ने गायब रहने और घर पहुंचने में देरी का असल कारण न बताते हुए बच्चा चोरी की घटना को मनगढ़ंत कहानी के रूप में पेश कर दिया और इसी विश्वास के साथ कहने लगी कि उसके साथ घटना हुई है। कुछ लोग उसे चॉकलेट खिलाकर मुंह बंद करके बोरा में बंद कर ले गए थे और पथरा टोला स्कूल नर्सरी के पास उसे छोड़कर चले गए थे। छोटी बच्ची के बातों पर सभी ने भरोसा कर लिया

पर कुछ-कुछ बातों में पुलिस को शक हो रहा था। इसके बाद सीसीटीवी फुटेज और अन्य जरिए से छानबीन शुरू की गई। गांव के लोगों से पता चला कि बच्ची शाम 6:00 बजे एक दुकान की ओर जा रही थी। इस बीच कुछ ट्रक ड्राइवर ने बच्ची को रोक कर चिकन कहां मिलता है इसके बारे में पूछा तो वह बच्ची फिर उनके साथ चली गई और एक कैफे के पास चिकन सेंटर में चिकन खरीदवाई। कैफे के पास लगा हुआ सीसीटीवी फुटेज में बच्ची और ट्रक ड्राइवर दिख रहे हैं। इससे क्लियर हुआ कि बच्ची ट्रक ड्राइवर के साथ थी। रात में हालांकि ट्रक ड्राइवर से भी पूछा गया था तो वे भी डर के कारण कुछ भी नहीं बताए थे। जब सीसीटीवी फुटेज में ट्रक ड्राइवर दिखे और उनसे दोबारा पूछताछ हुई तब फिर ट्रक वालों ने असलियत बताई और बच्ची की कहानी झूठी साबित हुई। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह के अफवाह में ना आए। अगर कहीं बच्चा चोरी का शक भी होता है तो उसकी सूचना पुलिस को दे। संदिग्ध अगर कोई गांव में आते हैं तो भी पुलिस सहित स्थानीय जनप्रतिनिधियों को जानकारी दें। किसी ने सोचा भी नहीं था कि यह घटना भी एक मनगढ़ंत निकलेगी 10 साल की बच्ची की बातों और उसकी अपनी झूठी कहानी पर अड़े रहने की वजह से लोग इस घटना को सच मान बैठे थे। पर सीसीटीवी फुटेज और ड्राइवर द्वारा ली गई तस्वीर से सच्चाई सामने आ गई। पूर्व जनपद सदस्य संजय बैस ने कहा कि हम भी बच्ची के लापता होने की सूचना सोशल मीडिया में डालकर खोजबीन कर रहे थे जब पता चला की रात में बच्ची गांव आ गई है और जाकर देखें तो बच्ची सबसे यही कह रही थे कि उसे बच्चा चोर उठा कर ले गए थे। उसकी स्थिति को देखते हुए जिस तरह से वह डरी सहमी थी, सबको यही लगा कि बच्ची सच बोल रही है। पर आज सुबह से मैं स्वयं पुलिस प्रशासन के साथ मौजूद रहा तो पता चला कि बच्ची ने घर पहुंचने में हुई देरी के चलते घर वालों की डांट या मार से बचने के लिए बच्चा चोर का बहाना बना दिया और सभी उसकी बात को सच मान बैठे।

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