भाजपा जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभार, कहा— युवाओं, विद्यार्थियों और सरकारी सेवाओं को मिलेगा सीधा लाभ
बालोद। भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष चेमन देशमुख ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा ‘छत्तीसगढ़ राज्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन’ को मंजूरी दिए जाने का स्वागत करते हुए इसे प्रदेश के डिजिटल भविष्य की दिशा में ऐतिहासिक कदम बताया है। उन्होंने कहा कि यह मिशन सुशासन, तकनीकी नवाचार, कौशल विकास और डिजिटल अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।
पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये होंगे खर्च
चेमन देशमुख ने बताया कि यह मिशन पांच वर्षों के लिए लागू किया जाएगा, जिस पर 500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि दूरस्थ जिलों, छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पहुंच सुनिश्चित करना है, ताकि प्रदेश के अंतिम व्यक्ति तक तकनीक का लाभ पहुंचे।
100 AI डेटा लैब, 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और 300 स्टार्टअप्स को मिलेगा प्रोत्साहन
उन्होंने बताया कि मिशन के तहत प्रदेश में 100 अत्याधुनिक AI डेटा लैब स्थापित की जाएंगी। शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 5 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस बनाए जाएंगे। साथ ही 300 से अधिक AI स्टार्टअप्स को आर्थिक और तकनीकी सहायता प्रदान कर नवाचार को प्रोत्साहित किया जाएगा।
6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख कर्मचारियों को मिलेगा प्रशिक्षण
भाजपा जिला अध्यक्ष ने कहा कि इस मिशन के अंतर्गत 6 लाख विद्यार्थियों और 1.5 लाख सरकारी कर्मचारियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। वहीं शासन-प्रशासन को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए 50 से अधिक AI आधारित सेवाएं विकसित की जाएंगी।
कांग्रेस पर साधा निशाना
चेमन देशमुख ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने वर्षों तक तकनीक और कम्प्यूटरीकरण की बातें तो कीं, लेकिन उन्हें धरातल पर उतारने में विफल रही। उन्होंने कहा कि भाजपा की विष्णुदेव साय सरकार ने नीतियों को अमल में लाकर यह साबित किया है कि सुशासन और डिजिटल परिवर्तन केवल घोषणाओं से नहीं, बल्कि ठोस कार्यों से आता है।
उन्होंने विश्वास जताया कि ‘छत्तीसगढ़ राज्य AI मिशन’, भारत सरकार के ‘इंडिया AI मिशन’ के अनुरूप प्रदेश को नवाचार, तकनीक और डिजिटल विकास के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने वाला मील का पत्थर साबित होगा।











