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राजयोग से मजबूत होगा मन, नशे से दूर रहेगा युवा: बी.के. नेहा दीदी

’10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा अभियान’ के तहत स्कूलों और गांवों में चल रहा जनजागरण अभियान

बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय, आत्मज्ञान भवन आमापारा, बालोद के तत्वावधान में “10 करोड़ नशा मुक्ति प्रतिज्ञा अभियान” के अंतर्गत बालोद विकासखंड के विद्यालयों एवं गांवों में लगातार नशा मुक्ति जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। अभियान के माध्यम से विद्यार्थियों और ग्रामीणों को नशे से दूर रहने तथा सकारात्मक जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया जा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बी.के. नेहा दीदी ने कहा कि जिसका मन शक्तिशाली होता है, वह कभी भी किसी नशे या बुरी आदत का गुलाम नहीं बन सकता। उन्होंने बताया कि राजयोग मन को सशक्त बनाने का सरल और प्रभावी माध्यम है तथा इसके अभ्यास से व्यक्ति जीवन की चुनौतियों का सामना आत्मविश्वास के साथ कर सकता है।

राजयोग की पांच सीख से बनेगा सशक्त व्यक्तित्व

बी.के. नेहा दीदी ने विद्यार्थियों को राजयोग की पांच महत्वपूर्ण शिक्षाओं से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि सबसे पहले व्यक्ति को स्वयं को पहचानना चाहिए। “मैं केवल शरीर नहीं, बल्कि शांत, पवित्र और शक्तिशाली आत्मा हूं”—इस आत्मबोध से आत्मसम्मान बढ़ता है और व्यक्ति अपनी आंतरिक शक्तियों को पहचानकर सफलता की ओर बढ़ता है।

उन्होंने सकारात्मक सोच को जीवन की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहा कि प्रत्येक दिन स्वयं से “मैं शांत हूं, सक्षम हूं, बुद्धिमान हूं और स्वस्थ हूं” जैसे सकारात्मक संकल्प लेने चाहिए, क्योंकि जैसा विचार होगा, वैसा ही जीवन बनेगा।

अच्छी संगत और स्पष्ट लक्ष्य ही सफलता की कुंजी

उन्होंने विद्यार्थियों से अच्छे मित्र चुनने का आग्रह करते हुए कहा कि अच्छी संगति उज्ज्वल भविष्य का आधार होती है, जबकि गलत रास्ते पर ले जाने वाले लोग कभी सच्चे मित्र नहीं हो सकते। साथ ही उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने वाला व्यक्ति गलत आदतों से दूर रहता है और अपनी ऊर्जा सही दिशा में लगाता है।

प्रतिदिन 10–15 मिनट का राजयोग ध्यान जरूरी

बी.के. नेहा दीदी ने कहा कि प्रतिदिन 10 से 15 मिनट राजयोग ध्यान करने से मन शांत, स्थिर और शक्तिशाली बनता है। इससे एकाग्रता बढ़ती है और कम समय में अधिक कार्य करने की क्षमता विकसित होती है।

उन्होंने विद्यार्थियों से नशे और सभी प्रकार की बुरी आदतों से दूर रहकर स्वस्थ, अनुशासित और सकारात्मक जीवन जीने का संकल्प लेने का आह्वान किया। अभियान के अंतर्गत आगामी दिनों में भी विद्यालयों एवं गांवों में नशा मुक्ति प्रतिज्ञा और जागरूकता कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाएंगे।

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