बालोद। जिले में हरित विकास और ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने के उद्देश्य से 06 अगस्त 2026 को मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वृक्षारोपण, आजीविका डबरी एवं नवा तरियां योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर विस्तृत चर्चा की गई तथा संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
वृक्षारोपण अभियान के लिए तय हुई रणनीति

बैठक में वृक्षारोपण कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समूह चयन, उपयुक्त स्थल चयन, सिंचाई व्यवस्था, निर्धारित माप के अनुसार गड्ढों की खुदाई तथा 4 से 5 फीट ऊंचाई वाले ग्राफ्टेड पौधों के रोपण पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही पौधों के संरक्षण, लाइन विभाग द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन, ग्राम पंचायत एवं समूहों के बीच अनुबंध तथा सीएलएफ और ग्राम पंचायतों के बेहतर समन्वय पर भी विस्तार से चर्चा हुई।
इंटरक्रॉपिंग से बढ़ेगी किसानों की आय
बैठक में स्थानीय जलवायु और मिट्टी की गुणवत्ता को ध्यान में रखते हुए पौधों के बीच अदरक, हल्दी, जिमीकंद और अरहर जैसी फसलों की इंटरक्रॉपिंग करने की सलाह दी गई, ताकि किसानों और समूहों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सके।
आजीविका डबरी और नवा तरियां पर विशेष फोकस
आजीविका डबरी एवं नवा तरियां योजनाओं के तहत मत्स्य पालन, बत्तख पालन, दलहन, तिलहन तथा सब्जी उत्पादन जैसे आजीविका आधारित कार्यों को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि आजीविका डबरी के हितग्राहियों को संबंधित लाइन विभागों द्वारा प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा, ताकि वे योजनाओं का बेहतर लाभ उठा सकें।
जनप्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों की रही सहभागिता
बैठक में संबंधित ग्राम पंचायतों के सरपंच, सीएलएफ पदाधिकारी, विभिन्न लाइन विभागों के अधिकारी, पीआरपी तथा कैडर उपस्थित रहे। सभी से योजनाओं के प्रभावी और समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया गया।










