बारिश में बढ़ जाती है परेशानी, प्रतीक्षालय के अभाव में छाता और तिरपाल का लेना पड़ता है सहारा; ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से लगाई गुहार
बालोद। जिले के ग्राम पंचायत नेवारी कला में विकास के दावों के बीच एक बुनियादी सुविधा आज भी अधूरी है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब 20 वर्षों से मुक्तिधाम तक पहुंचने के लिए सड़क निर्माण और वहां प्रतीक्षालय बनाए जाने की मांग लगातार की जा रही है, लेकिन आज तक यह मांग पूरी नहीं हो सकी है। इससे अंतिम संस्कार के लिए जाने वाले ग्रामीणों और मृतकों के परिजनों को हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
बारिश में सबसे ज्यादा होती है परेशानी

ग्रामीणों के अनुसार बारिश के मौसम में मुक्तिधाम तक पहुंचने वाला मार्ग कीचड़ और पानी से भर जाता है, जिससे अंतिम यात्रा में शामिल लोगों को भारी परेशानी होती है। कई बार शवयात्रा को भी कठिन परिस्थितियों में निकालना पड़ता है। मुक्तिधाम में प्रतीक्षालय नहीं होने के कारण परिजनों और ग्रामीणों को तेज धूप या बारिश से बचने के लिए छाता और तिरपाल का सहारा लेना पड़ता है।
मूलभूत सुविधा से अब भी वंचित गांव
ग्रामीणों का कहना है कि मुक्तिधाम जैसी आवश्यक जगह तक सड़क और प्रतीक्षालय जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। कई बार जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष मांग रखने के बावजूद अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है।
ग्रामीणों ने की शीघ्र निर्माण की मांग
ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं संबंधित विभाग से मांग की है कि नेवारी कला के मुक्तिधाम तक पक्की सड़क का निर्माण कराया जाए तथा वहां प्रतीक्षालय, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों को सम्मानजनक और सुरक्षित व्यवस्था मिल सके। उन्होंने कहा कि यह केवल विकास का नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं से जुड़ा विषय है।










