30 एकड़ भूमि पर प्रस्तावित मंडी के लिए यातायात, पार्किंग और सुव्यवस्थित लेआउट पर रहेगा विशेष फोकस
बालोद। जिले के किसानों को बेहतर विपणन सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बुधवार को जिला मुख्यालय से लगे ग्राम जगतरा पहुंचकर नवीन कृषि उपज मंडी के लिए प्रस्तावित स्थल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मंडी निर्माण की योजना में यातायात व्यवस्था, पार्किंग और किसानों की सुविधा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
राष्ट्रीय राजमार्ग से लगे क्षेत्र में बनेगी मंडी
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने राष्ट्रीय राजमार्ग के समीप स्थित धान संग्रहण केंद्र से लगी खाली भूमि का अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि प्रस्तावित मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ी होने के कारण निर्माण के समय यातायात प्रबंधन और वाहनों की आवाजाही की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मुख्य मार्ग पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न न हो।
वाहनों की पार्किंग पर रहेगा विशेष ध्यान
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने मंडी सचिव और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि मंडी परिसर में ट्रैक्टर, ट्रक और अन्य वाहनों के लिए पर्याप्त पार्किंग की व्यवस्था की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि कृषि उपज लेकर आने वाले किसी भी वाहन को मुख्य सड़क पर खड़ा नहीं होना चाहिए।
30 एकड़ भूमि का ग्रामसभा से मिला अनुमोदन
अधिकारियों ने कलेक्टर को बताया कि ग्राम सभा द्वारा नवीन कृषि उपज मंडी निर्माण के लिए 30 एकड़ भूमि उपलब्ध कराने का विधिवत अनुमोदन किया जा चुका है। इसके बाद कलेक्टर ने मंडी सचिव को एसडीएम और तहसीलदार के साथ समन्वय कर प्रस्तावित स्थल का विस्तृत नक्शा तैयार करने के निर्देश दिए।
किसानों को मिलेगा आधुनिक मंडी का लाभ
प्रस्तावित कृषि उपज मंडी के निर्माण से बालोद और आसपास के किसानों को कृषि उपज के विक्रय, भंडारण और परिवहन के लिए बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। इससे मंडी में आने वाले किसानों और व्यापारियों को भी अधिक सुव्यवस्थित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
(स्रोत: जिला जनसंपर्क कार्यालय, बालोद)










