57 हजार शिक्षक पदों सहित विभिन्न रिक्त पदों पर भर्ती, पदोन्नति आदेश जारी करने एवं मध्यप्रदेश की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति लागू करने की मांग
बालोद। भारतीय जनता पार्टी के सक्रिय सदस्य मधुकान्त यदु ने शिक्षा विभाग में लंबे समय से रिक्त पड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया शीघ्र प्रारंभ करने तथा अधिकारियों के पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, स्कूल शिक्षा मंत्री, संबंधित सांसदों, राज्यसभा सदस्यों एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के नाम ज्ञापन प्रेषित किया है। यह ज्ञापन जिलाधीश बालोद के माध्यम से भेजा गया है।
शिक्षा विभाग में रिक्त पदों पर भर्ती की मांग
ज्ञापन में संयुक्त संचालक, उप संचालक, जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) के रिक्त पदों पर शीघ्र पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की गई है। इसके साथ ही सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी, ग्रंथपाल, व्यायाम शिक्षक, संगीत शिक्षक एवं कृषि शिक्षक सहित अन्य रिक्त पदों पर सीधी भर्ती करने का आग्रह किया गया है।
मोदी की गारंटी का किया उल्लेख
मधुकान्त यदु ने अपने ज्ञापन में भाजपा के वर्ष 2023 के घोषणा पत्र में किए गए वादों का उल्लेख करते हुए कहा कि 57 हजार शिक्षक संवर्ग के रिक्त पदों तथा एक लाख अन्य शासकीय पदों पर भर्ती की घोषणा को शीघ्र अमल में लाया जाना चाहिए। उनका कहना है कि इससे प्रदेश के शिक्षित बेरोजगार युवाओं को रोजगार मिलेगा और शिक्षा व्यवस्था भी मजबूत होगी।
कार्यालयीन कर्मचारियों की भर्ती की भी मांग
ज्ञापन में लिपिक, कंप्यूटर ऑपरेटर, भृत्य एवं अन्य कार्यालयीन कर्मचारियों के रिक्त पदों पर भी सीधी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है। उनका कहना है कि विभागों में बड़ी संख्या में पद रिक्त होने से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
मध्यप्रदेश की तर्ज पर अनुकंपा नियुक्ति लागू करने का आग्रह
मधुकान्त यदु ने बताया कि उन्होंने मध्यप्रदेश शासन की तर्ज पर छत्तीसगढ़ में भी अनुकंपा नियुक्ति की व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई है। इस संबंध में उन्होंने छत्तीसगढ़ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह को भी मांग पत्र सौंपकर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
शासन से शीघ्र निर्णय की अपेक्षा
ज्ञापन में मुख्यमंत्री द्वारा प्रदेश के विकास के लिए लिए जा रहे निर्णयों की सराहना करते हुए शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, विद्यार्थियों के हितों की रक्षा करने तथा शिक्षित बेरोजगारों को न्याय दिलाने के उद्देश्य से शीघ्र भर्ती प्रक्रिया शुरू करने का अनुरोध किया गया है। साथ ही प्रेषित ज्ञापन पर की गई कार्रवाई की लिखित जानकारी उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है।











