31 अगस्त 2028 तक TET उत्तीर्ण करने की समय-सीमा, वर्ष में दो बार परीक्षा कराने के निर्देश; कार्यरत शिक्षकों के लिए विशेष व्यवस्था की मांग
रायपुर। छत्तीसगढ़ प्रदेश शिक्षक फेडरेशन ने राज्य सरकार से सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का समयबद्ध आयोजन कराने की मांग की है। फेडरेशन का कहना है कि TET परीक्षा का नियमित आयोजन नहीं होने से प्रदेश के लाखों कार्यरत शिक्षकों एवं उनके परिवारों में भविष्य को लेकर चिंता का माहौल है। संगठन ने मुख्यमंत्री, स्कूल शिक्षा मंत्री, मुख्य सचिव, शिक्षा सचिव एवं व्यापम सचिव से शीघ्र परीक्षा आयोजित करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश का दिया हवाला
प्रदेशाध्यक्ष राजेश चटर्जी, जिला अध्यक्ष राधेश्याम साहू एवं जिला सचिव गिरीश देवांगन ने संयुक्त प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने पुनर्विचार याचिका (सिविल) क्रमांक 1385/2025 में 29 मई 2026 को पारित आदेश के पैरा-34 में स्पष्ट निर्देश दिया है कि सभी राज्य सरकारें शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) का नियमित रूप से, अधिमानतः वर्ष में दो बार छह-छह माह के अंतराल पर आयोजन करें, ताकि पात्र शिक्षकों को पर्याप्त अवसर मिल सके।
कार्यरत शिक्षकों को 31 अगस्त 2028 तक मिली राहत
फेडरेशन के अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने कार्यरत शिक्षकों को TET उत्तीर्ण करने के लिए 31 अगस्त 2028 तक की समय-सीमा प्रदान की है। वहीं न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन शिक्षकों के पास TET की अर्हता नहीं होगी, उन्हें पदोन्नति के लिए पात्र नहीं माना जाएगा। साथ ही निर्धारित समय-सीमा के बाद किसी प्रकार की अतिरिक्त मोहलत नहीं दी जाएगी।
छत्तीसगढ़ में व्यापम कराता है TET परीक्षा
फेडरेशन ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद (NCTE) के दिशा-निर्देशों के अनुसार राष्ट्रीय स्तर पर CTET तथा राज्य स्तर पर TET का आयोजन संबंधित परीक्षा एजेंसी द्वारा किया जाता है। छत्तीसगढ़ में यह जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल (CG Vyapam) की है। संगठन का कहना है कि यदि राज्य सरकार समय पर परीक्षा आयोजित नहीं करेगी तो कार्यरत शिक्षक TET कैसे उत्तीर्ण कर पाएंगे।
विभागीय TET आयोजित करने की मांग
फेडरेशन ने उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्यों का उदाहरण देते हुए छत्तीसगढ़ में भी कार्यरत शिक्षकों के लिए विभागीय शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि इससे वर्षों से सेवा दे रहे शिक्षक निर्धारित समय-सीमा के भीतर TET की वैधानिक अर्हता पूरी कर सकेंगे और केवल परीक्षा के अवसर के अभाव में किसी शिक्षक का भविष्य प्रभावित नहीं होगा।
प्रशिक्षण और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने का आग्रह
फेडरेशन ने राज्य सरकार से TET प्रभावित शिक्षकों के लिए विशेष प्रशिक्षण, अध्ययन सामग्री तथा परीक्षा की तैयारी हेतु आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की भी मांग की है। संगठन का कहना है कि वर्षों से प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में योगदान देने वाले शिक्षकों के सम्मान, आजीविका और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की जिम्मेदारी है।











