पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत के संयुक्त आयोजन में गिलोय, नीम, आंवला, अर्जुन सहित कई औषधीय पौधे लगाए और वितरित किए गए
बालोद। पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत के संयुक्त तत्वावधान में आचार्य बालकृष्ण जी महाराज का जन्मदिवस जड़ी-बूटी दिवस के रूप में उत्साहपूर्वक मनाया गया। मालीघोरी में आयोजित इस कार्यक्रम में पतंजलि संगठन के पदाधिकारियों, योग साधकों एवं ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम के माध्यम से आयुर्वेद, प्राकृतिक चिकित्सा एवं औषधीय पौधों के संरक्षण का संदेश दिया गया।

आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा पर दिया गया विशेष जोर
कार्यक्रम का शुभारंभ पतंजलि योग समिति के अध्यक्ष तीरथ अटल, युवा भारत के अध्यक्ष गैंद देशमुख, सह युवा प्रभारी भूपेंद्र धनकर, सोशल मीडिया प्रभारी कमलकांत साहू, आयुर्वेदाचार्य केवल कामड़ी, शिक्षक डोमार देशमुख, चंद्रप्रकाश साहू, पत्रकार हरिवंश देशमुख सहित अन्य पदाधिकारियों की उपस्थिति में हुआ।
इस अवसर पर आयुर्वेदाचार्य केवल कामड़ी एवं अन्य वक्ताओं ने आयुर्वेद की उपयोगिता, पारंपरिक जड़ी-बूटियों के संरक्षण तथा प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति को जन-जन तक पहुंचाने की आवश्यकता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने लोगों से अपने आसपास औषधीय पौधे लगाने और उनके संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया।
औषधीय पौधों का रोपण एवं वितरण

जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर गिलोय, अंजीर, नीम, नोनी, शतावरी, अर्जुन, आंवला, चंदन, कम्पिलक सहित अनेक औषधीय पौधों का रोपण एवं वितरण किया गया। इस अभियान में तीरथ अटल, कमलकांत साहू, गैंद देशमुख, भूपेंद्र धनकर एवं आयुर्वेदाचार्य केवल कामड़ी ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
ग्रामीणों और योग साधकों ने बढ़-चढ़कर लिया भाग
कार्यक्रम में मालीघोरी के योग साधकों एवं ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। वहीं दूधली गांव से पहुंचे प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता भी कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। आयोजन के समापन पर सभी उपस्थितजनों ने आचार्य बालकृष्ण जी के दीर्घायु एवं स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए समाज को स्वास्थ्य, योग और आयुर्वेद से जोड़ने का संकल्प लिया।
अन्य गांवों में भी हुए आयोजन

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार जड़ी-बूटी दिवस के अवसर पर चिल्हाटीकला, अण्डी, गुंडरदेही और परसोदा सहित अन्य ग्रामों में भी इसी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित कर औषधीय पौधों के संरक्षण एवं आयुर्वेद के प्रति जनजागरण का संदेश दिया गया।
(स्रोत: प्रेस विज्ञप्ति, पतंजलि योग समिति एवं युवा भारत, जिला बालोद)











