बालोद। धमतरी जिले में पकड़ी गई 53 पेटी अवैध शराब के मामले में आबकारी विभाग ने बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की है। जांच में जब्त शराब का संबंध बालोद जिले की सरकारी शराब दुकान से मिलने के बाद आबकारी आयुक्त प्रवीण सिंह के निर्देश पर बालोद जिले में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम शाक्य को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
धमतरी में पकड़ी गई थी 53 पेटी शराब
जानकारी के अनुसार 30 जुलाई को धमतरी जिले के अर्जुनी क्षेत्र में आबकारी विभाग ने कार्रवाई करते हुए 53 पेटी शराब जब्त की थी। जांच के दौरान सामने आया कि यह शराब बालोद जिले की एक सरकारी शराब दुकान से संबंधित थी। मामले की विभागीय जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर कार्रवाई शुरू की गई।
गुरुर क्षेत्र के आबकारी उपनिरीक्षक पर गिरी गाज
विभागीय जांच में पाया गया कि गुरुर क्षेत्र में पदस्थ आबकारी उपनिरीक्षक आशाराम शाक्य ने अपने कर्तव्यों के निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरती। इसके चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दुर्ग संभागीय उड़नदस्ता में संबद्ध कर दिया गया है।
सहायक जिला आबकारी अधिकारी पर भी कार्रवाई की तैयारी
जांच में सहायक जिला आबकारी अधिकारी निलोफर जैन की भूमिका भी संदेह के घेरे में आई है। बताया गया कि वे देशी कंपोजिट मदिरा दुकान अरकार की प्रभारी एवं मंडल प्रभारी थीं। प्रशासनिक लापरवाही के आरोपों के आधार पर उनके विरुद्ध विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा गया है।
लापरवाही पर सख्त हुआ आबकारी विभाग
आबकारी विभाग की इस कार्रवाई को अवैध शराब के कारोबार पर सख्ती के रूप में देखा जा रहा है। आबकारी आयुक्त ने सभी जिलों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि सरकारी शराब दुकानों से शराब के उठाव, परिवहन और वितरण की सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार या प्रशासनिक लापरवाही में किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।









