बालोद। जिले में कथित गौ तस्करी के मुद्दे को लेकर गौ सेवकों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। जिला गौधाम समिति, पंचगव्य डॉक्टर एसोसिएशन और गौ सेवकों ने संयुक्त रूप से जनदर्शन में पहुंचकर कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा को ज्ञापन सौंपते हुए करहीभदर और खेरथा मवेशी बाजारों को तत्काल बंद करने की मांग की। उनका कहना है कि इन दोनों बाजारों से बड़े पैमाने पर गौवंश की अवैध तस्करी की जा रही है।
‘दोनों बाजार गौ तस्करी के प्रमुख केंद्र’
ज्ञापन में गौ सेवकों ने आरोप लगाया कि करहीभदर और खेरथा के मवेशी बाजारों से हर सप्ताह पैदल और अवैध वाहनों के माध्यम से सैकड़ों गौवंश की तस्करी की जाती है। उनका दावा है कि यदि इन दोनों बाजारों का संचालन बंद कर दिया जाए तो गौ तस्करी पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।
‘एक आदेश से बच सकते हैं हजारों गौवंश’
जिला गौधाम समिति के अध्यक्ष योगेश्वर यादव और डॉ. पुरुषोत्तम सिंह राजपूत ने कहा कि किसी एक गौवंश के दुर्घटनाग्रस्त होने पर पूरा प्रशासन सक्रिय हो जाता है, लेकिन यदि प्रशासन चाहे तो एक प्रशासनिक आदेश के माध्यम से हजारों गौवंश को तस्करी से बचाया जा सकता है। उन्होंने बाजारों को बंद करने की मांग को जनहित और गौ संरक्षण से जुड़ा कदम बताया।
टकराव और जोखिम भी होगा कम
गौ सेवकों का कहना है कि अवैध गौ तस्करी रोकने के प्रयासों के दौरान उन्हें अक्सर कथित कोचियों और तस्करों के साथ विवाद और जान का खतरा झेलना पड़ता है। उनका मानना है कि मवेशी बाजार बंद होने से इस तरह के टकराव भी काफी हद तक समाप्त हो जाएंगे।
कलेक्टर ने दिए जांच और कार्रवाई के निर्देश
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अपर कलेक्टर चंद्रकांत कौशिक और एसडीएम बालोद को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
ज्ञापन सौंपने के दौरान नरेंद्र जोशी, धर्मेंद्र आहूजा, विवेक पाटीदार सहित बड़ी संख्या में गौ सेवक मौजूद रहे।









