‘अंगना में शिक्षा’ : घरेलू सामग्री से नौनिहालों का सर्वांगीण विकास



बालोद। विगत पांच वर्षों से महिला शिक्षिकाओं के कुशल नेतृत्व में संचालित ‘अंगना में शिक्षा’ कार्यक्रम के अंतर्गत माताओं के क्षमता विकास पर विशेष कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य माताओं को यह समझाना है कि वे घर में उपलब्ध सामान्य सामग्री जैसे टमाटर, प्याज, आलू, कटोरी, चम्मच एवं विभिन्न अनाज आदि के माध्यम से अपने छोटे बच्चों के सीखने में प्रभावी सहयोग कर सकती हैं। इसी कड़ी में 28 फरवरी 2026 को जिला बालोद के शासकीय प्राथमिक शाला झलमला में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की पूजा-अर्चना एवं अतिथियों के स्वागत-अभिनंदन के साथ हुआ। इस अवसर पर समग्र शिक्षा बालोद के डीएमसी अवन कुमार जांगड़े, एपीसी खुर्श्याम सर, झलमला के सरपंच चुम्मन साहू, उपसरपंच हितेश ठाकुर, एसएमसी सदस्य, पंच उत्तरा ठाकुर, बीआरसीसी कुन्ती गौर, प्रधान पाठिका सुषमा उपाध्याय सहित विद्यालय के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के अंतर्गत गतिविधि आधारित नौ काउंटर बनाए गए, जिनमें नामांकन एवं संकलन, शारीरिक एवं क्रियात्मक विकास, पेपर फोल्डिंग, बौद्धिक विकास, वर्गीकरण, भाषा विकास, गणित पूर्व तैयारी, अंक एवं संख्या ज्ञान तथा बच्चों के लिए रचनात्मक कोना जैसी गतिविधियां कराई गईं। माताओं ने अपने बच्चों के साथ सक्रिय सहभागिता निभाई और सभी गतिविधियों के पश्चात प्रपत्रों का संकलन एवं मूल्यांकन किया गया। सभी गतिविधियां पूर्ण करने पर शाला की रजनी साहू को “स्मार्ट माता” के रूप में चयनित कर ताजपोशी, प्रमाण पत्र एवं पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न विकासखंडों से आए बीआरजी एवं स्मार्ट माताओं ने अपने अनुभव साझा किए तथा बच्चों की शिक्षा में घरेलू संसाधनों के उपयोग पर प्रकाश डाला। संगीत प्रस्तुतियों एवं प्रेरक उद्बोधनों के साथ कार्यक्रम का सफल समापन हुआ।

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