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भाजपा सरकार में अन्नदाता हलाकान, जानबूझकर धान खरीदी घटाने का दबाव बना रहे अधिकारी — संजय प्रकाश चौधरी

बालोद/गुरूर। गुरूर विकासखंड के सनौद सोसाइटी में पहुंचे वरिष्ठ कांग्रेस नेता संजय प्रकाश चौधरी ने धान खरीदी में हो रही अव्यवस्थाओं को लेकर भाजपा सरकार और प्रशासन पर तीखा हमला बोला। मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यह बालोद जिले के लिए बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि छत्तीसगढ़, जिसे देशभर में धान का कटोरा कहा जाता है, उसी राज्य के बालोद जिले के गुरूर ब्लॉक में किसान अपनी उपज बेचने के लिए दर-दर भटक रहा है।
उन्होंने कहा कि गुरूर क्षेत्र में खेत-खलिहानों तक में धान की लहलहाती फसल है। यहां एक एकड़ में किसान 20 से 40 क्विंटल तक धान उत्पादन करता है। इसके बावजूद किसानों पर जबरन रकबा समर्पण का दबाव बनाया जा रहा है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा आखिर क्या है? क्या अधिकारियों को ऊपर से लक्ष्य दे दिया गया है कि कम धान खरीदी करेंगे तो इनाम, प्रमोशन और बड़ी कुर्सी मिलेगी?
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि अधिकारी रोज गांव-गांव पहुंचकर किसानों की निगरानी कर रहे हैं, खेतों में जाकर फसल की जांच कर रहे हैं, मानो किसान कोई अपराधी हों। उन्होंने कहा कि अधिकारी किसानों के हित के लिए होते हैं, लेकिन आज हालात ऐसे हैं कि अधिकारी किसानों पर राज कर रहे हैं। जब पैदावार अच्छी है, तो किसान आखिर रकबा समर्पण कहां से करेगा?
संजय प्रकाश चौधरी ने कहा कि स्थिति इतनी भयावह है कि बड़े हों या छोटे, कई किसान आज तक एक दाना धान भी नहीं बेच पाए हैं। उनका टोकन तक नहीं कट पाया है। ऐसे किसानों की मानसिक स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्हें खेती का कर्ज चुकाना है, परिवार का पालन-पोषण करना है, लेकिन सरकार और प्रशासन को इसकी कोई चिंता नहीं है।
उन्होंने सवाल किया कि बीते कई दिनों से जिन किसानों को मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, उसकी क्षतिपूर्ति कौन करेगा? अंतिम समय में भले ही दबाव में कुछ टोकन काटे जा रहे हों, लेकिन किसानों ने जो तनाव झेला है, उसका जिम्मेदार कौन है?
कांग्रेस नेता ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग मंचों से किसानों को अन्नदाता कहते नहीं थकते, लेकिन आज अन्नदाता की हालत बदहाली में है। जिन किसानों के घरों में एक दाना नहीं बिक पाया, वहां आर्थिक तंगी और निराशा का माहौल है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है।

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