बालोद, ।30 जनवरी 2026जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद ने एक बार फिर मानवीय संवेदना और सामाजिक दायित्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। प्राधिकरण के सचिव श्रीमती भारती कुलदीप को सूचना प्राप्त हुई कि पुरुर बस स्टैंड क्षेत्र में एक विक्षिप्त व्यक्ति कई दिनों से असहाय अवस्था में रह रहा है। बताया गया कि उक्त व्यक्ति की शारीरिक एवं मानसिक स्थिति अत्यंत दयनीय है तथा उसके पास न तो रहने की कोई व्यवस्था है और न ही उपचार की कोई सुविधा।
सूचना मिलते ही सचिव द्वारा इस गंभीर मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बालोद से संपर्क स्थापित किया गया। उनके मार्गदर्शन में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की गई, ताकि उस असहाय व्यक्ति को तत्काल राहत प्रदान की जा सके।
इसके पश्चात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद की पहल पर उक्त विक्षिप्त व्यक्ति को सुरक्षित रूप से गुरूर अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों द्वारा उसका प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण एवं आवश्यक उपचार किया गया। चिकित्सकीय जांच में यह सामने आया कि वह व्यक्ति लंबे समय से मानसिक एवं शारीरिक पीड़ा से ग्रस्त है तथा उसे निरंतर चिकित्सकीय देखरेख की आवश्यकता है।
विक्षिप्त व्यक्ति की बेहतर चिकित्सा सुविधा को ध्यान में रखते हुए चिकित्सकों की सलाह पर उसे शासकीय जिला चिकित्सालय बालोद रेफर किया गया, ताकि उसका समुचित, नियमित और दीर्घकालिक उपचार सुनिश्चित किया जा सके। इस दौरान सचिव श्रीमती भारती कुलदीप ने स्पष्ट निर्देश दिए कि उक्त व्यक्ति के उपचार में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और उसकी स्थिति में सुधार आने तक सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
इस संपूर्ण कार्रवाई के माध्यम से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बालोद ने यह सशक्त संदेश दिया कि समाज के उपेक्षित, असहाय एवं मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्तियों की सहायता करना केवल प्रशासनिक कर्तव्य नहीं, बल्कि एक गहन मानवीय दायित्व भी है। प्राधिकरण द्वारा ऐसे जरूरतमंद व्यक्तियों को संरक्षण, चिकित्सा एवं कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के प्रयास निरंतर जारी हैं।
मानवता की मिसाल: सड़क किनारे बेसहारा विक्षिप्त को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने दिलाया इलाज और संरक्षण
