अर्धनग्न होकर सड़क पर उतरे कांग्रेसी, धान खरीदी और मनरेगा को लेकर लाटाबोड़ में सरकार के खिलाफ उबाल



बालोद। धान खरीदी की अंतिम तिथि बढ़ाने और “मनरेगा बचाओ संग्राम” के तहत रोजगार के अधिकार की मांग को लेकर बालोद ब्लॉक और शहर कांग्रेस कमेटी ने लाटाबोड़ में सरकार के खिलाफ आक्रामक आंदोलन छेड़ दिया। महात्मा गांधी जी की पुण्यतिथि पर आयोजित इस आंदोलन में कांग्रेस कार्यकर्ता अर्धनग्न होकर दुर्ग–बालोद मुख्य मार्ग पर बैठ गए, जिससे यातायात बाधित रहा और क्षेत्र में राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर हुए इस आंदोलन में बड़ी संख्या में किसान और श्रमिक शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार किसानों और मजदूरों को जानबूझकर सड़क पर उतरने को मजबूर कर रही है।
धरना स्थल पर सभा को संबोधित करते हुए शहर कांग्रेस अध्यक्ष अंचल प्रकाश साहू ने कहा कि मनरेगा में 125 दिन काम देने का वादा करने वाली मोदी सरकार पिछले पांच वर्षों में मजदूरों को औसतन केवल 50 दिन का ही रोजगार दे पाई है। उन्होंने कहा कि “जी राम जी” जैसे नामों के जरिए गरीब मजदूरों को भ्रमित कर उनके हक से वंचित किया जा रहा है।
पूर्व पालिका अध्यक्ष विकास चोपड़ा ने कहा कि यह सरकार किसानों की आवाज दबाने पर उतारू है। पूर्व में आंदोलनरत किसानों पर एफआईआर दर्ज कर डराने की कोशिश की गई, लेकिन कांग्रेस न तो झुकेगी और न रुकेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मनरेगा के तहत रोजगार का अधिकार दिलाने के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
कांग्रेस प्रवक्ता यज्ञ देव पटेल ने कहा कि ग्रामीण भारत की रीढ़ किसान हैं और सरकार यदि उनके हितों की अनदेखी करेगी तो कांग्रेस सड़कों पर उतरकर जवाब देगी।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष चंद्रेश हिरवानी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि धान का अंतिम दाना खरीदने का दावा करने वाली सरकार आज किसानों से मुंह मोड़ चुकी है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आज भी बड़ी संख्या में किसान धान बेचने से वंचित हैं, ऐसे में धान खरीदी की अंतिम तिथि तत्काल बढ़ाई जानी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि मनरेगा में नियम बदलकर मजदूरों से रोजगार का अधिकार छीना जा रहा है, जिसके खिलाफ कांग्रेस लगातार चक्काजाम कर रही है। विधायक संगीता सिन्हा ने कहा कि कांग्रेस नेता लगातार सोसायटियों में जाकर किसानों की समस्याएं सुलझाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सरकार धान खरीदना ही नहीं चाहती। उन्होंने आरोप लगाया कि किसानों के घरों में छापेमारी कर उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। विधायक ने तीखे शब्दों में कहा, “पहले लगता था सरकार की नीयत नहीं है, अब साफ हो गया है कि सरकार की हैसियत भी नहीं है।”
धरना प्रदर्शन को रवि प्रकाश यादव, ओमप्रकाश गजेंद्र, लता कोर्राम, शारदा सिन्हा, धीरज उपाध्याय, पद्मनी साहू, टुकेश हिरवानी, कृष्णा दुबे सहित कई नेताओं ने संबोधित किया। अंत में ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष नरेंद्र सिन्हा ने आंदोलन में शामिल सभी कार्यकर्ताओं और किसानों का आभार जताया।
सभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता अर्धनग्न अवस्था में दुर्ग–बालोद मुख्य मार्ग पर बैठ गए, जिससे प्रशासन और सरकार के खिलाफ गुस्सा खुलकर सामने आया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि धान खरीदी की अंतिम तिथि नहीं बढ़ाई गई और मनरेगा में मजदूरों को उनका हक नहीं मिला, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
इस उग्र प्रदर्शन में पुरुषोत्तम पटेल, शंभू साहू, कमलेश श्रीवास्तव, देवेंद्र साहू, रोहित सागर, वैभव साहू, विनोद बंटी शर्मा, रीता सोनी, कासीमुद्दीन कुरेशी, सतीश यादव, अनिल यादव, सुमित शर्मा, दिनेश साहू, गंगाराम साहू, शेख मदीना, अश्विनी गौतम, मनोज ठाकुर, विमलेश साहू, उत्तम साहू, रघुनाथ ठाकुर, राहुल निषाद, श्यामा देवी, दुष्यंत साहू, तोमर साहू, खोरबहराराम पटेल, कोमल साहू, अशोक कल्याणी, दुर्गा प्रसाद साहू, सोमेश्वर यादव, साधुराम, शाहिद सहित सैकड़ों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।

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