बीमा क्लेम की लालच में रची ‘ट्रक चोरी’ की साजिश, खुद प्रार्थी ही निकला मास्टरमाइंड,43 लाख का ट्रक नागपुर से बरामद, बालोद पुलिस व सायबर सेल की बड़ी कामयाबी



बालोद | पुलिस अधीक्षक बालोद श्री योगेश कुमार पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में बालोद पुलिस ने एक सनसनीखेज फर्जीवाड़े का पर्दाफाश करते हुए बड़ी सफलता हासिल की है। डौण्डी पेट्रोल पंप से चोरी बताए जा रहे 43 लाख रुपये कीमत के ट्रक के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ, जिसमें शिकायतकर्ता स्वयं ही चोरी की साजिश का मुख्य आरोपी निकला। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक को नागपुर (महाराष्ट्र) से बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।


चोरी की रिपोर्ट से शुरू हुई जांच, साजिश तक पहुंची पुलिस

प्रार्थी द्वारा 26 जनवरी 2026 को थाना डौण्डी में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि उसका ट्रक क्रमांक CG 21 J 7111, जिसकी कीमत लगभग 43 लाख रुपये है, दिनांक 22 जनवरी 2026 की रात अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर थाना डौण्डी में अपराध क्रमांक 21/2026 धारा 303(2) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रीमती मोनिका ठाकुर के निर्देशन तथा नगर पुलिस अधीक्षक राजहरा श्री विकास पाटले के पर्यवेक्षण में सायबर सेल एवं थाना डौण्डी की संयुक्त विशेष टीम गठित की गई।

सीसीटीवी फुटेज ने खोला राज, ट्रक की नागपुर तक हुई ट्रैकिंग


विशेष टीम ने त्रिनयन ऐप के माध्यम से डौण्डी पेट्रोल पंप सहित डौण्डी, लोहारा, देवरी, राजनांदगांव, सकोली होते हुए नागपुर तक के सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ट्रक की लोकेशन नागपुर में ट्रेस की गई, जहां पुलिस ने कैंप कर ट्रक को चिन्हांकित किया और उसे बरामद किया।
पूछताछ में सामने आया कि ट्रक को एक ट्रांसपोर्टर कलवंत सिंह को बेचने का प्रयास किया गया था। ट्रांसपोर्टर ने बताया कि आरोपी स्वयं ट्रक लेकर आए थे और फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सौदा तय किया गया था।


कर्ज और किस्त से बचने के लिए रची गई थी फर्जी चोरी की कहानी


पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने वर्ष 2013 में लोन के माध्यम से ट्रक खरीदा था, लेकिन वाहन से आमदनी नहीं होने के कारण किस्तें नहीं चुका पा रहे थे। फाइनेंस कंपनी के दबाव और बीमा राशि हासिल करने के उद्देश्य से आरोपियों ने ट्रक चोरी की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराने की साजिश रची। योजना के तहत आरोपियों ने ट्रक को स्वयं डौण्डी से नागपुर ले जाकर बेचने का प्रयास किया और बाद में बीमा क्लेम लेने की तैयारी थी, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने पूरी साजिश पर पानी फेर दिया।


ये हैं फर्जीवाड़े के आरोपी


नरेन्द्र जायसवाल, पिता लखन लाल जायसवाल, उम्र 39 वर्ष
मनेन्द्र जायसवाल, पिता लखन लाल जायसवाल, उम्र 34 वर्ष
लखन लाल जायसवाल, पिता हिंगू राम जायसवाल, उम्र 71 वर्ष
(तीनों निवासी – वार्ड क्रमांक 13, बस स्टैंड, डौण्डी, जिला बालोद)
आरोपियों के खिलाफ पूर्व में आबकारी एक्ट के प्रकरण दर्ज हैं। मामले में एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी पतासाजी जारी है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से ट्रक क्रमांक CG 21 J 7111, कीमत लगभग 43 लाख रुपये जब्त किया है।

इनकी सूझबूझ से हुआ बड़ा खुलासा


ट्रक की पतासाजी, बरामदगी एवं आरोपियों की गिरफ्तारी में थाना डौण्डी एवं सायबर सेल की टीम की अहम भूमिका रही। इस कार्रवाई में सउनि दुर्जन रावटे, सायबर सेल प्रभारी स.उ.नि. धरम भूआर्य, प्रधान आरक्षक ज्ञानेश चंदेल, भुनेश्वर मरकाम, विवेक शाही, रूमलाल चुरेन्द्र, आरक्षक विपिन गुप्ता, राहुल मनहरे, भोपसिंह साहू, पुकेश्वर साहू, पूरन देवांगन, आकाश सोनी, आकाश दुबे, मिथलेश यादव, गुलझारी साहू, योगेश गेडाम, योगेश पटेल एवं म.आर. अंबिका उसारे का विशेष योगदान रहा।

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