नवाचारी शिक्षिका पुष्पलता साहू ने बरहीपारा शाला को ICTके तहत साउंड बॉक्स एवं माइक प्रदान कर बच्चों का बहुआयामी विकास किया



NEP एवं FLN के तहत बच्चों की अभिव्यक्ति क्षमता और प्रतिभा को बढ़ावा देने का प्रेरक कदम

बालोद। वनांचल ग्राम बरहीपारा की शा. प्रा. शाला में नवाचारी शिक्षिका पुष्पलता साहू ने गणतंत्र दिवस के अवसर पर शाला को साउंड बॉक्स एवं माइक प्रदान किया। इसे शाला प्रबंधन समिति, बच्चों, सरपंच महोदया और ग्रामीणजन की उपस्थिति में संस्था प्रधान जोसेफ मैडम को सौंपा गया।


शिक्षिका साहू का उद्देश्य NEP (नई शिक्षा नीति) और FLN (फाउंडेशनल लर्निंग) के अंतर्गत बच्चों में अभिव्यक्ति कौशल का विकास, झिझक को दूर करना, आत्मविश्वास में वृद्धि करना, अपनी कला और संस्कृति का प्रदर्शन, चर्चा करना, सांस्कृतिक गतिविधियों में भाग लेना, जन्मोत्सव मनाना, सभी विषयों में क्विज करना, मनोरंजक एवं आनंदमय सीखना, बालसभा और सुरक्षित शनिवार की गतिविधियों में स्वतंत्र भागीदारी जैसी बहुआयामी विकास गतिविधियाँ करना है।
शिक्षिका पुष्पलता साहू ने कहा कि बरहीपारा के भोले-भाले आदिवासी बच्चे भी अब अन्य स्कूलों के बच्चों की तरह सभी गतिविधियों में सक्रिय और आगे बढ़ रहे हैं।
साथ ही, शिक्षा सत्र 2024-25 में पाँचवीं, आठवीं, दसवीं एवं बारहवीं बोर्ड परीक्षा में A-ग्रेड लाने वाले बच्चों को स्वयं के व्यय से प्रतिभा सम्मान देकर प्रोत्साहित किया गया। इसके तहत कुमारी हर्षिता, पिता श्री त्रिलोकी नाथ को मोमेंटो भेंट कर पुरस्कृत किया गया।
इसके अतिरिक्त शाला की साफ-सफाई में श्रमदान करने वाली माताओं को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा प्रमाण पत्र वितरित किए गए, वहीं संस्था प्रधान जोसेफ मैडम द्वारा बच्चों को उल्लास प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
इस पहल से वनांचल ग्राम बरहीपारा शाला में शिक्षा और संस्कृति दोनों का समन्वय बढ़ा है और बच्चों में स्वतंत्रता, आत्मविश्वास और बहुआयामी विकास को नई दिशा मिली है।

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