बसंत पंचमी पर अंडी का पेड़ गाड़कर बालोद में निभाई गई परंपरा, संस्कृति संरक्षण का दिया संदेश



बालोद। बसंत पंचमी के शुभ अवसर पर बालोद शहर के पुराना बस स्टैंड क्षेत्र में पूर्वजों से चली आ रही सांस्कृतिक परंपरा को इस वर्ष भी पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ निभाया गया। श्री कला निकेतन समिति के तत्वावधान में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी होलिका दहन से लगभग एक माह पूर्व बसंत पंचमी के दिन विधिवत पूजा-अर्चना कर अंडी (अरंडी) का पेड़ गाड़ा गया। इस पारंपरिक आयोजन में समिति के सभी सदस्य, पुराना बस स्टैंड क्षेत्र के व्यापारीगण एवं स्थानीय नागरिकों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई। मंत्रोच्चार एवं पूजा विधि के साथ अंडी का पेड़ गाड़कर शुभ कार्यों की शुरुआत की गई। आयोजन के माध्यम से नई पीढ़ी को अपनी लोक-संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया गया।
व्यापारियों ने बताया कि बालोद शहर के पुराना बस स्टैंड में वर्षों से यह परंपरा निभाई जा रही है। बसंत पंचमी पर अंडी का पेड़ गाड़ने के बाद होलिका दहन की तैयारी शुरू होती है और हर वर्ष होली की रात आधी रात के बाद विधिवत होलिका दहन किया जाता है। आयोजकों ने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक पहचान हैं, जिन्हें जीवित रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। यह परंपरा न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ी है, बल्कि समाज में एकता और संस्कृति संरक्षण का भी संदेश देती है।

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