डौंडी। गणतंत्र दिवस के अवसर पर शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला मरदेल (विकासखंड डौंडी) में उल्लास मेला का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन को सफल बनाने के लिए शाला की शिक्षिका मोना रावत ने विद्यार्थियों के साथ गांव में घर-घर जाकर लोगों को आमंत्रण पत्र वितरित किए और कार्यक्रम में शामिल होने की अपील की।
इस अवसर पर शिक्षिका मोना रावत ने बताया कि नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 का प्रमुख उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश में युवा एवं प्रौढ़ साक्षरता दर को 100 प्रतिशत तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि उल्लास मेला जैसे आयोजन समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने का प्रभावी माध्यम हैं।
उन्होंने आगे बताया कि नई शिक्षा नीति के अंतर्गत प्रौढ़ शिक्षा केवल अक्षर ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें बुनियादी साक्षरता, सांख्यिकी ज्ञान, तकनीकी समझ, कानून, वित्तीय साक्षरता एवं कौशल विकास को भी शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य यह है कि एक अशिक्षित प्रौढ़ भी आधुनिक तकनीकी युग में आत्मनिर्भर बन सके और समाज में सम्मानजनक स्थान प्राप्त कर सके।
शिक्षिका ने विश्वास जताया कि यदि सरकार और समाज मिलकर इस दिशा में कार्य करें, तो निश्चित रूप से वर्ष 2030 तक साक्षरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि “जब पढ़ेगा भारत, तभी बढ़ेगा भारत” का संकल्प ही देश को प्रगति के पथ पर आगे ले जाएगा।
गणतंत्र दिवस पर मरदेल स्कूल में उल्लास मेला, घर-घर जाकर बच्चों ने बांटे आमंत्रण पत्र
