बालोद। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के संस्थापक प्रजापिता ब्रह्मा बाबा की 57वीं पुण्यतिथि शनिवार को विश्व शांति दिवस के रूप में आत्मज्ञान भवन, बालोद में श्रद्धा एवं शांति भाव के साथ मनाई गई। इस अवसर पर राजयोग ध्यान का अभ्यास कराया गया तथा ब्रह्मा बाबा के जीवन और आध्यात्मिक योगदान पर आधारित डॉक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य संचालिका बी.के. विजयलक्ष्मी दीदी ने कहा कि विश्व शांति के प्रणेता ब्रह्मा बाबा एक ऐसे दिव्य पुरुष थे, जिन्होंने परमात्मा शिव के मार्गदर्शन में अपना सर्वस्व मानव कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने ईश्वरीय कायदों और नियमों के माध्यम से नवयुग के निर्माण की नींव रखी तथा समस्त मानव जाति को महान बनने का मार्ग दिखाया।
उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक क्रांति की जागृति की मशाल लेकर ब्रह्मा बाबा द्वारा स्थापित ओम मंडली आज प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के रूप में विश्वव्यापी स्वरूप ले चुकी है, जो वर्तमान में 140 से अधिक देशों में अपनी शाखा-प्रशाखाओं के माध्यम से जनजागृति और विश्व कल्याण का कार्य कर रही है। ब्रह्मा बाबा यज्ञ पुरुष थे, जिन्होंने अपनी कठोर तपस्या और साधना से संसार को नई दिशा प्रदान की। उन्होंने संस्कार परिवर्तन के माध्यम से विश्व परिवर्तन का अनुपम संदेश दिया। बताया गया कि प्रजापिता ब्रह्मा बाबा ने वर्ष 1936 से निरंतर साधना करते हुए 18 जनवरी 1969 को अपनी संपूर्ण अव्यक्त अवस्था प्राप्त की। उनकी तपस्या इतनी प्रभावशाली थी कि उनके सान्निध्य में आने मात्र से ही नई स्वर्णिम सृष्टि के साक्षात्कार होने लगते थे। उनकी वाणी के पवित्र कंपन से लोग देहभान भूलकर आत्मानुभूति में स्थित होकर अतिंद्रिय सुख का अनुभव करते थे। कार्यक्रम में उपस्थित साधक-साधिकाओं एवं श्रद्धालुओं ने ब्रह्मा बाबा के जीवन से प्रेरणा लेते हुए विश्व शांति और आत्मिक उत्थान के संकल्प के साथ कार्यक्रम का समापन किया।
