बालोद। गुरूर ब्लॉक के ग्राम नारागांव के एक घर के पालतू कुत्ता जो कि पागल हो चुका है, दो दिन से घूम घूम कर दर्जनों लोगों को अपना शिकार बना चुका है। ग्राम नारागांव से लेकर बालोद ब्लाक के करहीभदर, कन्नेवाड़ा और आसपास के गांव में इस पागल कुत्ते की दहशत बनी हुई है। दूसरे दिन भी लोग इस बात से दहशत में हैं कि कहीं वापस वह कुत्ता बस्ती में ना आ जाए। जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने बताया कि गुरुवार को उक्त पागल कुत्ते को करहीभदर के ईट भट्ठा के आसपास देखा गया है। गांव के 15 से 20 लोगों द्वारा काफी हिम्मत करके कुत्ते को गांव से बाहर भगाया गया है। इस बीच एक सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। जिसमें देख सकते हैं कि किस तरह से पागल कुत्ता लोगों को घरों और दुकानों में घुसकर काटने के लिए दौड़ा रहा है। बच्चे और बूढ़े अपनी मुश्किल से जान बचा पा रहे हैं ।

बुधवार को एक ही दिन में 14 लोगों को काटने की घटना सामने आई थी। जिसमें पांच गंभीर लोगों को बालोद जिला अस्पताल से धमतरी भी रेफर किया गया है।जानकारी अनुसार उक्त पालतू कुत्ता नारागांव की नवल बाई के घर का है। जो कुछ दिनों तक बाहर घूम रहा थे फिर वापस घर आने पर अपने मालिक के ही बच्चे के ऊपर हमला किया। फिर उसके बाद गांव के अन्य लोगों को अपना शिकार बनाया और बुधवार को ग्राम सांकरा के सरपंच और एक महिला को अपना शिकार बनाया। एक महिला बस का इंतजार कर रही थी उस पर भी अचानक कुत्ते ने हमला कर दिया । जैसे तैसे गांव के ग्रामीणों ने उसे अस्पताल भेजवाया फिर उसके बाद कुत्ते को 15 से 20 लोग घेरते हुए दौड़ाया। फिर उसने रोड पर बैठे और लावारिस कुत्ते को काट लिया फिर कुत्ते ने एक घर में घुस गया जो एक बुजुर्ग पर हमला करने की कोशिश किए। फिर डंडे को अपने मुंह से काटने लगा। आसपास सभी गांव लोगों को मुनादी कर कुत्ते का हुलिया बताते हुए सचेत किया जा रहा है। कुत्ते का कलर लाल रंग का है और मुंह से झाग या लार निकल रहा है। करहीभदर, मुजगहन, सांकरा, हथौद सहित अन्य गांव में मुनादी करा दी गई है। जनपद सदस्य लोकेश डड़सेना ने शासन प्रशासन से मांग की है कि लावारिश कुत्ते की नसबंदी कराई जाए ताकि उनकी आबादी कम हो सके तो वही जो भी पालतू कुत्ते घर में रखे हुए उनको भी सख्त हिदायत दी जाए कि उनकी वजह से किसी दूसरे को नुकसान ना हो और लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई भी की जाए।
