अखिल भारतीय बार परीक्षा में पहले प्रयास में ही सफल हुए शाहिद अहमद



संघर्षों भर रहा है जीवन, पढ़ाई के साथ पंचर दुकान में करते थे काम

बालोद। गुरूर ब्लॉक के ग्राम भरदा (तार्री) के रहने वाले शाहिद अहमद ने भारतीय विधिज्ञ परिषद द्वारा आयोजित की जाने वाली अखिल भारतीय बार परीक्षा को उत्तीर्ण कर लिया है। शाहिद अहमद की इस उपलब्धि से पूरा समाज गौरवान्वित है। उन्होंने प्रथम प्रयास में ही यह सफलता हासिल की है। समाज के लोगों ने बताया कि शाहिद अहमद बचपन से ही मेहनती और होनहार छात्र रहा है। जो छोटे से गांव में ग्रामीण परिवेश में पल बढ़कर बेहद सीमित संसाधनों में विषम परिस्थितियों में आगे बढ़ा। उसने पढ़ाई के साथ साइकिल दुकान में पंचर बनाते हुए अपनी मेहनत और लगन से ग्राम में पढ़ाई कर पंजीकृत अधिवक्ता बनने तक का सफर तय किया है।

जानिए इस एक्जाम के बारे में

भारतीय विधि के परिषद एग्जाम का मतलब अखिल भारतीय बार परीक्षा (AIBE – All India Bar Examination) है, जो बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) द्वारा कानून स्नातकों (law graduates) के लिए आयोजित की जाती है, ताकि वे भारत में वकालत (practice law) कर सकें; यह एक कम्पलसरी परीक्षा है और इसे पास करने के बाद ही आपको ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ (CoP) मिलता है, जिससे आप देश में कहीं भी कानूनी पेशा अपना सकते हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना कि कानून स्नातक वकालत करने के लिए योग्य हैं और उनमें आवश्यक कौशल है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) इस परीक्षा के आयोजक होते हैं। 3 या 5 साल की LLB डिग्री पूरी करने के बाद, राज्य बार काउंसिल में नामांकित (enrolled) होना चाहिए। परीक्षा पास करने पर BCI द्वारा ‘सर्टिफिकेट ऑफ प्रैक्टिस’ (CoP) जारी किया जाता है, जो भारत में वकालत करने के लिए अनिवार्य है। भारत के किसी भी कोर्ट में प्रैक्टिस करने के लिए AIBE पास करना ज़रूरी है। AIBE, कानून के छात्रों के लिए भारत में प्रैक्टिस करने का लाइसेंस (license) प्राप्त करने का प्रवेश द्वार है।

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